बड़े पैमाने पर दलित बन रहे ब्राह्मण, पुजारी, महंत, जाति सिर्फ कर्म से है, जन्म से नहीं



असल में भारतीय ग्रंथों में मलेच्छ तत्वों ने भारी गड़बड़ी और मिलावट की है जिसके मदद से इन्होने हिन्दू धर्म के खिलाफ काफी भ्रांतियां फैलाई है 

और सबसे बड़ी भ्रान्ति ये है की जाति जन्म से होती है, असल में जाति का जन्म से कोई लेना देना नहीं है, जाति कर्म से ही होती है 

जैसे डाक्टर का बच्चा डाक्टर नहीं हो जाता, अगर वो डाक्टरी की पढाई करे डाक्टर बने तभी डाक्टर होता है, उसी तरह किसी भी जाति के माँ बाप ये यहाँ जन्म से लेने से आप उस जाति के नहीं हो जाते 

आपकी असल जाति वो होती है जो की आप काम कर रहे होते है, जाति कर्म के आधार पर होती है 

अगर कोई व्यक्ति सेना में नौकरी कर रहा है तो उसका जन्म नहीं उसका कर्म मायने रखेगा और वो क्षत्रिय हो जाएगा, इसी तरह अगर कोई व्यक्ति धार्मिक काम कर रहा है तो वो ब्राह्मण हो जायेगा, कोई व्यापर कर रहा है तो वो वैश्य हो जायेगा और कोई सेवा का कार्य कर रहा है तो शुद्र 

कर्म से ही जाति है, पर भारत विरोधियों ने जाति को जन्म से जोड़ दिया और हिन्दू धर्म को इन्होने काफी कमजोर किया पर अग्निवीर नामक हिन्दू संगठन फिर से हिन्दू धर्म को मजबूत करने का कार्य कर रहा है 

हिन्दू धर्म की असल सिस्टम के अनुसार अब बहुत से दलित ब्राह्मण बन चुके है, अग्निवीर संगठन के फाउंडर संजीव नेवर ने ऐसे ही लोगो के बारे में जानकारी दी है जो की दलित घर में जन्मे पर अब वो ब्राह्मण है 

2 उदाहरण उन्होंने सामने रखे, जहाँ पर दलित घर में जन्मे लोग अब ब्राह्मण हो चुके है क्यूंकि ये ब्राह्मण वाला कार्य करते है

ये स्विर्फ़ कुछ उदाहरण है, कोई भी व्यक्ति जो कार्य करता है उसकी जाति वही हो जाती है, और समाज को असल हिन्दू धर्म का अब पालन करना चाहिए, जाति वही जो आपका कर्म हो 
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