दुनिया के कट्टरपंथी मुसलमानों को झटका, जन्नत में 72 हूर नहीं बल्कि 72 खजूर मिलेगा, इस्लामिक विद्वान ने किया खुलासा


दुनिया में जितने भी इस्लामिक आतंकवादी है वो असल में जन्नत जाने के लिए ही आतंकवाद मचाते है, मजहब गुरु इनको बताते है की जिहाद करो तो अल्लाह जन्नत में भेजगा जहाँ तुमको 72 हूर यानि 72 कुंवारी लड़कियां सेक्स के लिए मिलेंगी, साथ ही गिलमा यानि चिकने लड़के भी अल्लाह देगा और साथ ही साथ शराब की नदी भी मिलेगी 

बॉलीवुड एक्टर आमिर खान के मजहबी गुरु तारिक जमील ने तो ये भी बताया था की अल्लाह तो खुद जन्नत में अपने हाथ से तुमको शराब पिलाएगा 

खैर, अब दुनिया भर के मजहबी कट्टरपंथियों के लिए एक झटका देने वाली खबर कनाडा से आ रही है जहाँ पर इस्लामिक विद्वान इरशाद मांजी ने एक बड़ा खुलासा किया है 

इरशाद मांजी ने दावा किया है की कुरान जो की अरबी भाषा में लिखी गयी है उसे ठीक से नहीं पढ़ा गया है, और अरबी भाषा में कई सिरिएक और आर्माइक शब्द है जिसका गलत मतलब निकाला गया है 

इरशाद मांजी ने बताया की कुरान में जो "हुर" लिखा हुआ है उसका असल मतलब कुंवारी लड़कियां नहीं बल्कि खजूर है 

यानि 72 हुर का मतलब 72 कुंवारी लड़कियां नहीं बल्कि असल में 72 खजूर है, यानि जिहाद पर अल्लाह तुमको लड़कियां नहीं बल्कि 72 खजूर देगा 

इरशाद मांजी की तरह एक और बड़े इस्लामिक विद्वान और अरबी भाषा के जानकर नोकोलास क्रिस्टोफ ने कहा है की - अरबी भाषा में कई सिरिएक शब्द है, और कुरान में जो "हुर" लिखा हुआ है उसका असल मतलब है "सफ़ेद अंगूर" न की कुंवारी लड़कियां, यानि जन्नत एक ऐसी जगह है जहाँ पर खजूर और अंगूर है, अल्लाह लड़कियां नहीं बल्कि खजूर और अंगूर जैसे फल देगा 

जानकारों का मानना है की अरबी भाषा उस समय ज्यादा विकसित नहीं हुई थी जब कुरान को लिखा गया था और इसमें दूसरी भाषाओँ से कई शब्दों को लिया गया था, कुरआन लिखने के बाद इनका गलत मतलब निकाल दिया गया, "हुर" असल में लड़कियां नहीं बल्कि अंगूर या खजूर नामक फल है 
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