वाह रे जोमैटो - जब मुस्लिम हलाल मांस मांगे तो जी सर, जब हिन्दू गैर मुस्लिम राइडर मांगे तो "Food has no Religion"


अमेरिकी कंपनी जोमैटो जो भारत में भी अब कई सालों से काम कर रही है, उसका कहना है की, खाने का कोई धर्म नहीं होता ! 

बात ठीक है, खाने का कोई धर्म नहीं होता, पर ये बात अमेरिकी कंपनी जोमैटो के मुह से अच्छी नहीं लगती, और हिन्दुओ के खिलाफ जो नफरत अमेरिकी कंपनी जोमैटो ने दिखाई है वो काफी कुछ सोचने पर मजबूर करता है 

हुआ ये की आज एक हिन्दू ग्राहक ने जोमैटो से विनती करी की उसका श्रवण का महिना चल रहा है, उसने कुछ खाना आर्डर किया है, तो कृपया किसी गैर मुस्लिम डिलीवरी बॉय को ही भेजे 

इसपर अमेरिकी कंपनी जोमैटो ने उसे कहा की - खाने का कोई धर्म नहीं होता, जोमैटो ने उस हिन्दू ग्राहक का आर्डर कैंसिल कर दिया और उसे रिफंड के पैसे भी नहीं दिए 

जोमैटो ने एक हिन्दू ग्राहक को तो कह दिया की खाने का कोई धर्म नहीं होता

पर कुछ दिनों पहले इसी जोमैटो से एक मुस्लिम ग्राहक ने कहा था की - मैंने मांस मंगाया, मुझे हलाल मांस ही चाहिए 

इसपर जोमैटो ने उस मुस्लिम ग्राहक को ये नहीं कहा की - जनाब खाने का कोई मजहब नहीं होता, जोमैटो ने तुरंत उस मुस्लिम ग्राहक को नतमस्तक किआ और उसकी सेवा में लग गए 

अगर कोई मुस्लिम धर्म के आधार पर खाना मांगे तो अमेरिकी कंपनी जोमैटो उसके सामने नतमस्तक हो जाती है, वहीँ अगर कोई हिन्दू ये कहे की किसी गैर मुस्लिम राइडर को ही भेजें तो जोमैटो उसे ज्ञान देता है की - खाने का कोई धर्म नहीं होता ! मुस्लिम ग्राहक के समय ये वाला ज्ञान कहा गया था ? या फिर जोमैटो के अनुसार खाने का मजहब इस्लाम है !