सपा नेता ने कांवड़ियों को बताया गंजेड़ी, भंड़ेगी, हिन्दुओ से नफरत का नया रिकॉर्ड


पहले आपको साफ़ कर दें की कांवड़ियों का भेष बनाकर कांवड़ यात्रा में बहुत से दूसरे मजहब के लोग भी शामिल होते है, ये पॉकेटमारी करते है, अपराध करते है, अभी इसी साल कांवड़ यात्रा के दौरान मुज़फ्फरनगर में मोहम्मद आसिफ और इरशाद नाम के 2 मुस्लिम समुदाय के लोगो को पकड़ा गया है

कांवड़ियों को बदनाम करने के लिए तरह तरह के कारनामे किया जाते है, अधिकतर कांवड़ियाँ भगवान् शिव के मंदिरों में जल चढाने के लिए घरों  से निकलते है पर साजिश के तहत कांवड़ियों और कांवड़ यात्रा को बदनाम किया जाता है

सिर्फ दूसरे मजहब के लोग ही नहीं बल्कि खुद को सेक्युलर कहने वाले लोग भी कांवड़ियों को बदनाम करते है और हिन्दुओ के प्रति अपनी घृणा का उदाहरण पेश करते रहते है

हिन्दू धर्म को मानने वाले बहुत से लोग कांवड़ियों का बहुत सम्मान करते है और कुछ तो उन्हें शिव का ही रूप समझते है, इसी कारण लोग कांवड़ियों का स्वागत करते है, सत्कार करते है

शामली जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने श्रद्धा भाव से एक कांवड़ियाँ के पैर दबा दिए, पुलिस तो वैसे भी जनता की सेवक होती है, पुलिस अधिकारी ने अपनी निजी श्रद्धा से कांवड़ियाँ के पैर छुवे और दबाया इसपर समाजवादी पार्टी के नेता ने जो कारनामा किया वो देखने लायक है

ये सपा का नेता आईपी सिंह है जिसने कांवड़ियों के खिलाफ घृणा और नफरत का परिचय दे दिया, सपा नेता ने सभी कांवड़ियों को गंजेड़ी और भंगेड़ी बताया, इसकी भाषा से अंदाजा लगता है की ये हिन्दुओ से किस प्रकार की नफरत का भाव रखता है

ये वही समाजवादी पार्टी है जिसका एक सांसद महिलाओं पर अभद्र टिप्पणियां करता है पर आईपी सिंह जैसे सपा नेता उसका समर्थन करते है और गुणगान करते है, पर इन्होने सभी कांवड़ियों को गंजेड़ी और भंगेड़ी की केटेगरी में रखा हुआ है, वैसे सपा को उत्तर प्रदेश में नमाजवादी पार्टी के नाम से भी जाना जाता है, हिन्दुओ का दमन इस पार्टी के लिए नयी चीज नहीं है, जब इस पार्टी की सरकार थी तब कांवड़ियों पर तरह तरह के अत्याचार किये जाते थे, बैन लगाया जाता था