"आज कुरान बाँटने को कहा, कल नमाज़ पढने फिर मुसलमान बनने को कहेंगे"



आखिर कहाँ जा रहे है हम, आज कुरान बांटने की शर्त लगाई जा रही है, अगर जमानत चाहिए तो कुरान बांटो, अन्यथा जेल में सड़ो

रांची की एक लड़की ऋचा भारती ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया, उसे लेकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया और जमानत की जब याचिका लगाई तो जज ने शर्त लगा दी की जमानत चाहिए तो 5 जगहों पर कुरान बांटो 

लड़की बहादुर निकली और अब लड़की ने कहा है की वो इसे हाई कोर्ट में चैलेंज करेगी, लड़की ने साथ ये भी कहा की - आज कुरआन बांटने के लिए कहा जा रहा है, कल को नमाज़ पढने को कहा जायेगा, परसों को कहा जायेगा की जमानत चाहिए तो मुसलमान बनो, आखिर कहा जा रहे है हम 

कहने को भारत एक सेक्युलर संविधान से चलता है, कोर्ट में भी सेक्युलर कानून ही चलता है, ऐसे में कोई जज किसी के सामने ये शर्त कैसे लगा सकता है की जमानत चाहिए तो तुमको कुरआन बांटना होगा 

देश में धार्मिक आज़ादी तो सबको है, और आज कोर्ट किसी को जमानत के बदले कुरान बाटने को कह रहा है, कल को जाकर ये भी शर्त लगाई जा सकती है की अगर जमानत चाहिए तो मुस्लिम से निकाह करो

भारत के सेकुलरिज्म पर किसी ने खूब कहा है की यहाँ पर सेकुलरिज्म नहीं बल्कि छद्म सेकुलरिज्म चलता है, जिसके तहत हिन्दू समाज का दमन किया जाता है, ये बात रांची की कोर्ट के कुरआन बाटने वाले शर्त से स्पष्ट हो जाती है