कभी हिन्दू बहुल था आगरा का ये क्षेत्र, अब हिन्दुओ के लिए जगह नहीं, लग गए पोस्टर


कुछ लोग इस भ्रम में जीते रहते है की कश्मीर में हुआ हमारे यहाँ थोड़ी होगा, फिर कैराना में हुआ हमारे शहर में थोड़ी होगा, बंगाल में हुआ, केरल में हुआ, यहाँ हुआ, वहां हुआ, हमारे यहाँ थोड़ी होगा 

आपका भ्रम भी जल्दी ही टूट जायेगा, जैसे आगरा में अब कुछ लोगो का भ्रम टूट गया, आगरा के एक इलाके में अब हिन्दुओ के लिए जगह नहीं है 

हिन्दुओ का जीना आसान नहीं रह गया, बेटियां घर से निकले तो छेड़छाड़, बलात्कार का भय, दुकान खोलो तो गुंडागर्दी, जीना हराम है हो गया हिन्दू का, कभी हिन्दू बहुल इलाका था पर अब नहीं और अब पोस्टर लग गए मकान बिकाऊ है 

ये स्तिथि अब आगरा के शहीद नगर की हो गयी है, यहाँ उन्मादियों ने हिन्दुओ का जीना मुश्किल कर दिया है और उनके घरों के पास गुंडागर्दी की जाती है ताकि डर सहम कर हिन्दू पलायन करे 

हिन्दुओ के घरों के सामने मांस बेचने के लिए दुकान लगा दी जाती है, हिन्दुओ के दरवाजे पर गाडी खादी कर दी जाती है, खाया हुआ मांस और पत्तल हिन्दुओ के घरों पर फेंका जाता है, हिन्दू महिलाओं और बेटियों को उठाने की धमकी दी जाती है और पूरा मजहबी उन्माद मचाया जाता है वो भी रोजाना 

शहीद नगर की हिन्दू महिला मंजू का कहना है की मजहबी उन्मादियों का सबसे ज्यादा खौफ हिन्दू महिलाओं पर ही है, उनका घर से निकलना मुश्किल है यहाँ तक की बालकनी में भी खड़े होना खतरे से खाली नहीं है, पुलिस से भी कई बार शिकायत की जा चुकी है पर पुलिस भी 24 घंटे मोहल्ले की सुरक्षा में तो नहीं रह सकती, कभी हिन्दू बहुल था पर अब उन्मादी बहुल है 

जबतक इलाका हिन्दू बहुल था तबतक ठीक था, यहाँ खूब सेकुलरिज्म और भाईचारा चलता था, बकरीद पर सेवैयाँ खाई जाती थी, पर जैसे ही उन्मादी बहुल हुआ हिन्दुओ का जीना हराम हो गया, कई मकान बेचकर भाग गए और जिनके बिके नहीं उनके मकानों पर पोस्टर लग गए