उन्नाव में जय श्री राम न बोलने पर पिटाई की बात निकली झूठी, इमाम भी निकला झूठा


कई अन्य घटनाओं की तरह उत्तर प्रदेश के उन्नाव में भी जय श्री राम न बोलने पर पिटाई की बात झूठी निकली है, इस घटना से फिर एक बार साफ़ हो गया है की अब मुस्लिम समुदाय के लोग हर मामले को इस तरह की सांप्रदायिक घटना से जोड़कर बड़े पैमाने पर झूठ बोल रहे है

एक मदरसे के बच्चों और उन्नाव के जामा मस्जिद के इमाम ने आरोप लगाया था की मदरसे के बच्चों को जय श्री राम न बोलने पर मारा पीटा गया

इमाम ने दंगा फसाद की धमकी भी दी थी और कहा था की - उन्नाव में तो हम वो करेंगे जो और कहीं नहीं हुआ

पुलिस ने इस मामले की जांच की और पूरा मामला ही झूठा साबित हुआ, पुलिस ने जांच में पाया की मदरसे के बच्चों पर जय श्री राम न बोलने को लेकर कोई हमला नहीं हुआ और न ही मदरसे के बच्चों को किसी ने जय श्री राम बोलने को ही कहा

हां लड़ाई जरुर हुई थी पर लड़ाई क्रिकेट को लेकर हुई थी, इसमें कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं था, क्रिकेट को लेकर बच्चों में आपसी लड़ाई हो गयी थी जिसमे कुछ को चोट लगी

उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस मामले में एक प्रेस कांफ्रेंस भी की और बताया की लड़ाई क्रिकेट को लेकर हुई थी और जब लड़ाई हुई थी तो किसी प्रकार की धार्मिक गतिविधि इस लड़ाई में हुई भी नहीं थी पर बाद में पुरे मामले को जय श्री राम न बोलने पर हुई पीटाई से जोड़ दिया गया और जबरजस्त झूठ बोला गया, इस मामले में स्थानीय इस्लामिक मौलानाओ ने भी झूठ बोला और जामा मस्जिद के इमाम ने तो दंगा फसाद की धमकी भी दे दी जबकि मामला पूरी तरह झूठा था