आरिफ की बेगम छिपकर मिल रही थी अपने प्रेमी से, कर दी गयी मॉब लिंचिंग, क्या आरिफ की बेगम को प्यार का हक़ नहीं !


जब पुरुष को 4-4 निकाह करने का हक़ है तो फिर आखिर महिला को क्यों नहीं है, मोहम्मद आरिफ चाहे तो 4-4 निकाह कर सकता है तो आरिफ की बेगम रजिया (बदला हुआ नाम) को और सम्बन्ध बनाने का अधिकार क्यों नहीं है 

भारत का संविधान महिला हो या पुरुष दोनों को ही बराबरी का हक़ देता है, ये मामला उत्तर प्रदेश के नगीना का है जो की बिजनोर के पास का ही इलाका है 

नगीना में रायपुर सादात थानाक्षेत्र के एक गाँव में मोहम्मद आरिफ रहता है, उसकी बेगम रजिया भी उसके साथ ही रहती है, पर रजिया किसी और से भी प्रेम करती है 

रजिया का प्रेमी छिपकर रजिया से मिलने आया था, तभी आरिफ अचानक घर लौट आया, जिसके बाद आरिफ ने रजिया और उसके प्रेमी को प्यार करते पकड़ लिया, उसके बाद बवाल हो गया और आरिफ ने शोर मचाना शुरू कर दिया 

इतने में समुदाय की भीड़ आ गयी और रजिया के प्रेमी की मॉब लिंचिंग कर दी गयी, मामला काफी बढ़ गया तो फिर मजहबी पंचायत भी बुला दी गयी और उस पंचायत ने युवक को पुरे गाँव में घुमाया और इतना ही नहीं रजिया को उसके शौहर आरिफ ने तीन तलाक भी दे दिया जो की गैर क़ानूनी है 

इस घटना के बाद इलाके में सनसनी है, रजिया का प्रेमी अधमरा हो चूका है वहीँ रजिया को भी बेसहारा कर दिया गया है, और अब तीन तलाक के बाद हलाला करने वालो की लार भी टपक गयी है 

इस मामले में आखिर न्याय कब होगा, युवक को अधमरा किया गया है, कानून अपने हाथ में लेने का हक़ किसी को भी नहीं है, ऊपर से तीन तलाक भी दिया गया है, जो की गैर क़ानूनी है और अपराध है, वहीँ सबसे बड़ा सवाल ये है की अगर आरिफ 4-4 निकाह कर सकता है तो फिर रजिया को भी किसी से प्रेम करने का हक़ क्यों नहीं है, रजिया के साथ न्याय कब होगा !