अब बागपत में भी जय श्री राम न बोलने पर इमाम की पीटाई की खबर निकली झूठी


अब जैसे बाढ़ सी आ गयी है, ऐसा प्रतीत हो रहा है की एक नेक्सस काम कर रहा है जिसके तहत मुस्लिम समुदाय के लोग एक के बाद एक शहरों में झूठ पर झूठ बोल रहे है और ये झूठ ये है की जय श्री राम न बोलने पर हमला किया गया, पीटाई की गयी

मुस्लिम समुदाय के लोगो द्वारा बोले जा रहे झूठ में मीडिया भी पूरा सहयोग कर रही है, अभी उन्नाव में मदरसे के छात्रों को जय श्री राम न बोलने पर पीटाई का मामला झूठा निकला ही था की आज मीडिया ने एक और खबर चला दी

मीडिया ने आज खबर चलाई की उत्तर प्रदेश के बागपत में एक मस्जिद के इमाम की दाढ़ी खींची गयी और मस्जिद के इमाम को जय श्री राम न बोलने पर पीटा गया, NDTV समेत तमाम मीडिया हाउसेस ने ये खबर चलाई, कुछ उदाहरण देखिये 


मीडिया ने बड़े पैमाने पर बागपत की ये खबर चलाई जिसमे बताया गया की एक इमाम को जिसका नाम इमलाकुर्रहमान है उसकी दाढ़ी खींची गयी और जय श्री राम न बोलने पर उसे मारा गया 

इस इमाम ने भी इस बात को कही, और फिर ये मामला बागपत पुलिस के पास पहुंचा, अब बागपत पुलिस ने जांच की और जिले के SP ने जांच में इस खबर को पूरी तरह फर्जी पाया 

जिले के SP शैलेश कुमार पाण्डेय ने बताय की इमाम और कुछ लोगो में झगडा हुआ था, न ही इमाम और न ही वो लोग बागपत के है, ये सब मुज़फ्फरनगर के है, झगडे के बाद यही इमाम मुज़फ्फरनगर पुलिस के पास पहुंचा था, तब इसने पुलिस से शिकायत में जय श्री राम के नारे लगाने की कोई बात ही नहीं की और न ही कोई अन्य धार्मिक मसले की शिकायत की 

मुज़फ्फरनगर पुलिस ने इसे बताया की जहाँ उसके साथ झगडा हुआ था वो मामला बागपत पुलिस के अंतर्गत आता है और फिर ये इमाम बागपत पुलिस के सामने आया, जहाँ इसने शिकायत में लिखवा दिया की मेरे से तो जय श्री राम बोलने को कहा गया और न बोलने पर मुझे पीटा गया 

SP शैलेश कुमार पाण्डेय ने बताया की मुज़फ्फरनगर पुलिस के सामने इमाम जब शिकायत लेकर गया था तब वहां की पुलिस ने शिकायत की पूरी विडियो रिकॉर्डिंग की थी तब इमाम ने किसी धार्मिक लड़ाई या जय श्री राम के नारे की कोई बात नहीं कही थी 

SP ने बताया की इमाम झूठ बोल रहा है और मुज़फ्फरनगर पुलिस से बागपत पुलिस तक पहुँचने में इसके समर्थको ने इसपर जय श्री राम के नारे वाली बात जोड़ने के लिए कही ताकि इसे एक धार्मिक मामला बनाकर सुर्खियाँ बंटोरी जा सके 

इस मामले में मीडिया ने पुलिस से कोई बात नहीं की और खबर चलाना शुरू कर दिया की इमाम पर जय श्री राम न बोलने को लेकर हमला किया गया, मीडिया और इमाम द्वारा फैलाया जा रहा ये मामला भी उन्नाव और तमाम मामलों की तरह झूठा साबित हुआ है