इस्लाम में सौतेली बहन से निकाह जायज है, कोई समस्या नहीं, एकदम जायज है


हर मजहब के अपने अपने विद्वान होते है जो मजहब की किताबों के आधार पर लोगो के सवालों का जवाब देते है, लोग अगर किसी दुविधा में है तो लोगों को राय देते है 

इस्लाम में शादी को लेकर आये दिन मुस्लिम मजहब गुरुओं से मुस्लिम लोग सवाल जवाब करते रहते है और दुनिया भर में कई सारे मजहब गुरु है जो कुरान और इस्लाम की किताबों के आधार पर जवाब देते है 

मुफ़्ती अकमल एक ऐसे ही जाने माने इस्लामिक मजहब गुरु है जिनके पास रोजाना सैंकड़ो सवाल भेजे जाते है और वो इस्लामिक जगत में काफी प्रसिद्द भी है 

मुफ़्ती अकमल से किसी ने सवाल किया की क्या सौतेली भाई बहन में निकाह जायज है, तो उन्होंने कहा की हां बिलकुल जायज है 

मुफ़्ती अकमल ने कहा की - अगर एक आदमी है और उसके पास बीवी और बेटा है, बीवी मर जाती है, वहीँ अगर किसी औरत के पास शौहर और बेटी है, शौहर मर जाता है, और अगर उस आदमी और उस औरत में निकाह हो जाये तो उनके बेटा बेटी आपस में भाई-बहन हो जाते है 

पर फिर भी वो भाई बहन आपस में निकाह कर सकते है, आप सौतेली बहन से निकाह कर सकते है एकदम जायज है, सुनिए 

सौतेली भाई बहन में निकाह जायज है, सौतेली भाई बहन आपस में निकाह कर सकते है कोई समस्या नहीं है, ये बुनियादी वसूल है और ऐसा निकाह पूरी तरह जायज है