झूठा निकला जामा मस्जिद का मौलाना, जय श्री राम न बोलने पर पीटाई का मामला फेक


एक के बाद एक जगह पर जय श्री राम न बोलने को लेकर पीटाई के मामले झूठे साबित होते जा रहे है, अब ऐसा लगने लगा है की मुस्लिम समुदाय के लोग और देश की सेक्युलर मीडिया मिलकर किसी बड़े एजेंडे के तहत हर मामले को जय श्री राम से जोड़कर किसी साजिश को अंजाम देने में लगे है 

उन्नाव में अब जय श्री राम न बोलने पर पीटाई का मामला झूठा साबित हुआ है, मदरसे के कुछ बच्चे एक स्थानीय क्रिकेट मैदान में खेलने गए थे, क्रिकेट को लेकर वहां अन्य बच्चों से उनकी मारपीट हो गयी, जिसमे कुछ को चोट लगी 

इसे लेकर स्थानीय मौलाना और मीडिया ने फर्जी खबर फैलाना शुरू कर दिया की मदरसे के बच्चों को जय श्री राम न बोलने पर मारा गया

यहाँ तह की जामा मस्जिद के इमाम ने तो दंगे फसाद की धमकी भी दे दी और कहा की - उन्नाव में तो हम वो करेंगे जो कहीं और नहीं हुआ 


स्थानीय जामा मस्जिद के इमाम मौलाना नईम मिस्बाही सामने आया और इसने झूठ बोला की मदरसे के बच्चों को जय श्री राम न बोलने पर मारा पीटा गया, इतना ही नहीं इस मौलाना ने ये भी कहा की मदरसे के बच्चों पर तो पत्थर भी फेंके गए

अब पुलिस ने इस मामले की जांच में कुछ और ही तथ्य सामने रखे है



पुलिस ने पुरे मामले की जांच की और बताया की लड़ाई क्रिकेट को लेकर हुई थी और इसमें किसी प्रकार का कोई धार्मिक एंगल था ही नहीं, किसी ने मदरसे के बच्चों को जय श्री राम कहने को नहीं कहा और न ही जय श्री राम न कहने पर किसी ने उनपर कोई हमला किया 

मीडिया ने भी इस खबर पर काफी झूठ फैलाया और इस घटना को जय श्री राम न कहने के बाद हुई पीटाई का मामला बना दिया जबकि ये पूरी तरह झूठा साबित हुआ है, और इस झूठ पर एक स्थानीय इमाम ने उन्नाव में दंगे फसाद की धमकी भी दे डाली