देश भर में मुसलमानों को हथियारों से लैस करने के लिए फर्जी लिंचिंग पर किया जा रहा होहल्ला !


मोदी सरकार 2.0 आने के बाद देश में हर जगह एक नया ट्रेंड देखने को मिला, क्रिकेट की लड़ाई हो, चाहे पार्किंग की लड़ाई हो, सीट की लड़ाई हो, स्कूटर से टक्कर लगने की लड़ाई हो, हर जगह मुस्लिम समुदाय के लोगो ने झूठ बोला और कहा की - "जय श्री राम न बोलने पर हमला किया गया, लिंचिंग की गयी" 

मीडिया ने भी इन फर्जी ख़बरों को जमकर फैलाया, उसके बाद दूसरा ट्रेंड ये की जमकर विक्टिम कार्ड खेला गया इन फर्जी ख़बरों के आधार पर 

मुस्लमान खतरे में, मुसलमानों का भारत में जीना खतरनाक जैसे एजेंडे को भी चलाया गया, और फिर अंततः लखनऊ हो या फिर हो हैदराबाद एक नया ट्रेंड देखने को अब मिल रहा है 

जगह जगह मुस्लिम मजहब गुरु जमा होकर मुसलमानों को हथियारों से लैस होने की बात कर रहे है, हैदराबाद में तो ट्रेनिंग सेण्टर भी लगा दिया गया, मुस्लिम मजहब गुरु कह रहे है की मुसलमान अपने घरों के कीमती सामान को बेचकर हथियार ख़रीदे 

पहले फर्जी खबरें फैलाई गयी, फिर जमकर विक्टिम कार्ड खेला गया और अब असल में हथियारों की होड़, हथियारों की खरीद, हथियारों की ट्रेनिंग का काम शुरू हो गया 

मामला काफी खतरनाक प्रतीत होता है, ऐसा प्रतीत होता है की "जय श्री राम न बोलने पर पीटाई" के फर्जीवाड़े को इसी कारण फैलाया गया ताकि इसी बहाने मुसलमानों को आत्मरक्षा के नाम पर हथियारों से लैस कर दिया जाये 

ये किसी भीषण खतरे का संकेत है और गृह मंत्रालय और तमाम सुरक्षा एजेंसीयों को इस ओर नजर रखनी चाहिए, क्यूंकि हथियारों को जमा करने का खेल तो शुरू हो ही चूका है