कमलनाथ सरकार को पसंद नहीं आया कारगिल विजय, कॉलेज सिलेबस से हटाया अध्याय


राजस्थान मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की जनता ने पिछले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की सरकारें बनवाई थी, इसके बाद कांग्रेस की सरकारों ने स्कूली और कॉलेज की किताबों में काफी बदलाव किया 

राजस्थान में अकबर को फिर महान बता दिया गया वहीँ महाराणा प्रताप पर ही सवाल खड़ा कर दिया गया, इसके अलावा पंडित दीन दयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी पर भी आपत्तिजनक कार्य किये गए 

इसी कड़ी को आगे अब कांग्रेस की मध्य प्रदेश सरकार ने बढ़ा दिया है और कमलनाथ सरकार को तो कारगिल युद्ध और भारत की विजय ही पसंद नहीं आई 

मध्य प्रदेश सरकार ने कॉलेज सिलेबस से कारगिल युद्ध के अध्याय को हटा दिया है, कारगिल युद्ध और भारत की विजय को अब पढने की जरुरत नहीं है 

 खबर के मुताबिक, मध्य प्रदेश सरकार ने 2019-20  के सिलेबस से कारगिल युद्ध का अध्याय हटा दिया है, जबकि पिछले साल तक जब बीजेपी की सरकार थी तब ये अध्याय पाठ्यक्रम में शामिल था 

इस घटना के बाद अब जब बवाल हो रहा है तो इसके पीछे अजीबोगरीब तर्क दिया जा रहा है, बताया जा रहा है की कारगिल युद्ध पर किताबे नहीं मिल रही इसलिए इसे पाठ्यक्रम से हटा दिया गया है 

वैसे कांग्रेस पार्टी पाकिस्तान परस्ती के कई रिकॉर्ड पहले भी बना चुकी है, इसके अलावा वीर सावरकर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे क्रांतिकारियों से कांग्रेस को पहले से ही समस्या रही है पर अब कारगिल युद्ध और भारतीय सैनिको की विजय से भी इनको समस्या होने लगी जो वाकई समझ के परे है