चची से निकाह एकदम जायज है, भतीजा कर सकता है चची से निकाह


आपको सभी धर्मो के बुनियादी चीजों के बारे में जानकारी होनी चहिये और आज हम आपको इस्लाम में निकाह पर एक जानकारी दे रहे है 

ये जानकारी कोई हमारी बनाई हुई नहीं है बल्कि स्वयं इस्लामिक विद्वानों की इसपर राय है और वो विद्वान भी कोई खुद से राय नहीं देते बल्कि कुरान और इस्लाम की किताबों के प्रकाश में ही राय देते है 

चाहे भारत के इस्लामिक स्कोलर फैज़ सयेद हो या फिर पाकिस्तान के इस्लामिक विद्वान मुफ़्ती अकमल, और दुनिया भर के तमाम इस्लामिक मौलाना, मुफ़्ती, इमाम इत्यादि 

हम आपके सामने 2 इस्लामिक विद्वानों की राय रख रहे है जो बता रहे है की चची से निकाह एकदम जायज है, आप जिसे सालों तक चची कहते है इस्लाम में उस से निकाह जायज है 

सालों तक किसी में चची भतीजे का रिश्ता रहे, दोनों में निकाह एकदम जायज है, सुनिए 2 बड़े इस्लामिक विद्वानों की बात 

ये इस्लाम के बड़े विद्वान मुफ़्ती अकमल है जो बता रहे है की चची से निकाह जायज है 


और ये इस्लामिक विद्वान फैज़ सयेद है जो बता रहे है की इस्लाम में चची से निकाह जायज है, चची ही क्या मामी से भी निकाह जायज है


भले ही आप किसी को चची कह रहे हो और वो आपको भतीजा और आप में और आपकी चची में चची भतीजे वाला रिश्ता हो, पर अगर चाचा की मौत हो जाये, या फिर चची चाचा में तलाक हो जाये, तो आप अपनी चची से निकाह कर सकते है, ये इस्लाम का बुनियादी वसूल है 


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