येदियुरप्पा सरकार बनते ही कर्णाटक में आतंकवादी टीपू सुल्तान की जयंती पर लगी रोक


कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी में क्या बेसिक फर्क है वो कर्णाटक में येदियुरप्पा सरकार बनते ही नजर आ गया 

यहाँ कांग्रेस की सरकार थी तब आतंकवादी टीपू सुल्तान की जयंती मनाई जाती थी, फर्जी इतिहासकारों ने टीपू सुल्तान को महान घोषित किया हुआ था और कांग्रेस ने मुस्लिम तुष्टिकरण करने के लिए हर साल आतंकवादी की जयंती भी मनाई और पैसा भी खर्च किया 

पर जैसे ही कर्णाटक में येदियुरप्पा सरकार बनी इस सरकार ने कांग्रेस और आतंकवाद की परंपरा को तत्काल प्रभाव से रोक दिया 

येदियुरप्पा ने कर्णाटक में मनाई जाने वाली टीपू सुल्तान की जयंती पर प्रतिबन्ध लगा दिया है, अब टीपू सुल्तान की जयंती नहीं मनाई जाएगी

कांग्रेस की राज्य सरकार थी तब आतंकवादी की जयंती मानाने के लिए राज्य सरकार बाकायदा पैसा खर्च करती थी और साथ ही जगह जगह कार्यक्रम भी किये जाते थे 

येदियुरप्पा सरकार अब इन सभी कार्यक्रमों को बैन कर चुकी है और अब कर्णाटक में बीजेपी की सरकार रहते आतंकवादी की जयंती नहीं मनाई जाएगी 

इस सम्बन्ध में येदियुरप्पा सरकार के अंतर्गत आने वाली कन्नड़ कल्चर डिपार्टमेंट ने एक सर्कुलर भी जारी कर दिया है जिसके जरिये राज्य सरकार द्वारा मनाई जाने वाली टीपू सुल्तान की जयंती को निरस्त कर दिया गया है 

बता दें की टीपू सुल्तान एक इस्लामिक आतंकवादी था जिसने अपने राज के दौरान हिन्दुओ और ईसाईयों पर भी भीषण अत्याचार किये थे, अनगिनित हिन्दुओ का धर्मांतरण और नरसंहार इन अत्याचारों में शामिल है, पर कांग्रेस ने इस आतंकवादी का महिमामंडन करते हुए इसे हीरो घोषित कर दिया और इसकी जयंती भी हर साल मनाई