मदरसों में इतने हथियार कहाँ से आ रहे है, किसी ने नहीं पुछा : पायल रोहतगी


बिजनोर के मदरसे से पिछले दिनों हथियारों का जखीरा निकला था, दवाइयों के डब्बे में हथियार छिपाकर रखे गए थे, इस मामले में मुस्लिम समुदाय के कई लोग गिरफ्तार किये गए थे

ये कोई पहला मामला नहीं था जहाँ मदरसे से इतने हथियार निकले हो, मदरसों और मस्जिदों से आये दिन कहीं न कहीं से हथियार निकलते ही रहते है

आखिर इन मदरसों में हथियार आता कहा से है, और ये हथियार आखिर किस काम के लिए जमा किये जा रहे है ? इसपर किसी का ध्यान नहीं है

जबकि सच काफी भयानक है, तैयारी कदाचित गृहयुद्ध और गजवा हिन्द की है, और निशाने पर कौन होंगे इसका अंदाजा लगाना भी ज्यादा मुश्किल नहीं है

ISIS भी अचानक नहीं सामने आ गया था, पहले मस्जिदों और मदरसों में खूब हथियार जमा किये गए थे, उसके बाद अचानक हमले शुरू कर शहरों पर कब्जे का खेल शुरू हुआ था, गृहयुद्ध किये गए थे

एकदम वैसे ही हालात भारत के विभिन्न शहरों में भी बन रहे है और खासकर उन शहरों में जहाँ उन्मादी जनसँख्या अधिक है, बिजनोर ऐसे ही शहरों में से है

अभी किसी मंदिर में से या किसी हिन्दू संगठन के दफ्तर में से छोटे मोटे तलवार भी निकल जाते है तो उसपर हंगामा किया जाता है की तलवार आया कहाँ से और किस काम के लिए, जबकि मदरसों में से हथियारों का जखीरा निकल रहा है, पर कोई नहीं पूछ रहा की ये हथियार आये कहाँ से और किस काम के लिए जमा किये जा रहे थे