प्रभु श्रीराम से पहले शिवसेना प्रमुख उद्धव के बेटे आदित्य ठाकरे ने अजमेर दरगाह में झुकाया सर.. वो राह जिस पर नहीं थे बाला साहब

राजनीति के बदलते रूपों में से एक ऐसा रूप ये है जो किसी के लिए भी हैरान कर देने वाला है . ये उन बाला साहब ठाकरे के पोते आदित्य ठाकरे थे जिनको उनके स्वर्गवास के बाद भी आज तक महाराष्ट्र में ही नहीं बल्कि पूरे भारत में निर्विवाद रूप से हिन्दू हृदय सम्राट की पदवी दी गई है .
ये उस शिवसेना के भावी कर्णधार हैं जिनके ऊपर आने वाले समय में बहुत बड़ी जिम्मेदारी है , ख़ास कर कठिन और आक्रामक होती जा रही राजनीति के अन्दर ..
शायद आदित्य ठाकरे ने अपना रास्ता चुन ही लिया है . विदित हो कि शिवसेना ने भारतीय जनता पार्टी के साथ मिल कर गत लोकसभा चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया और एक बार फिर से केंद्र की सत्ता में धमाकेदार उपस्थिति दर्ज करवाई है . इसी के साथ वो प्रदेश की सत्ता में पहले से ही मौजूद है . 
जीत के बाद शिवसेना की तरफ से अयोध्या प्रभु श्रीराम के दर्शन करने के एलान के बाद हिन्दू संगठनों में ख़ुशी का माहौल था .. पर प्रभु श्री राम से पहले शिवसेना के सांसदों के साथ आदित्य ठाकरे ने सर झुकाया है अजमेर की दरगाह में .
युवा सेना प्रमुख आदित्य ठाकरे, शिवसेना सचिव मिलिंद नार्वेकर और युवासेना पदाधिकारी राहुल कनाल के साथ आज अजमेर मे ख्वाजा मोईनिद्दिन चिश्ती के दरगाह पर चादर चढाई.
सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक, शिवसेना की ओर से अजमेर दरगाह पर लोकसभा चुनावों में अच्छा प्रदर्शन करने की मन्नत मांगी गई थी. ताया जा रहा है कि मन्नत पूरी होने के बाद शिवसेना नेताओं ने दरगाह पर चादर चढ़ाई.