मेरठ के मंदिर में कीर्तन कर रहे थे हिन्दू, 2 मुस्लिमो ने खौफ भरने के लिए चलाई गोली और फिर .....


ये एक ट्रेंड है, जहाँ पर जनसँख्या कम हो वहां पर मीठी बोली बोलकर रहना तबतक जबतक की जनसँख्या थोड़ी ज्यादा न हो जाये 

एक बार थोड़ी जनसँख्या हो जाये उसके बाद हर इलाके को कैराना बनाना, फिर फिर कश्मीर बना देना, उदाहरण एक नहीं बल्कि सैंकड़ो है और इसी देश में है 

मेरठ का भी ये ही हाल है, यहाँ पर मजहबी जनसँख्या अब काफी बढ़ चुकी है और वहां पर इस्लामिक चरमपंथी अब कैराना जैसे हालात पैदा करना चाहते है, हिन्दू भागेगा, पलायन करेगा जब उसके मन में खौफ भर दिया जायेगा 

और हिन्दुओ के मन में खौफ भरने के लिए तरह तरह के कृत्य किये जा रहे है, मेरठ के एक मंदिर में हिन्दू कीर्तन कर रहे थे, तभी बाइक पर बैठे 2 मुस्लिम तेजी से आये और मंदिर के बाहर फायरिंग करी, और वहां से भाग गए 

मकसद सिर्फ एक - खौफ भरना ताकि मंदिर बंद हो जाये, कीर्तन पूजा पाठ बंद हो जाये, और धीरे धीरे इलाका कैराना बना दिया जाये 

घटना मेरठ के लिसाड़ी गेट थाने के पास प्रल्हाद नगर में एक मंदिर का है जहाँ सोमवार को हिन्दू मंदिर में कीर्तन कर रहे थे

तभी 2 मुस्लिम बाइक पर आये और खौफ फ़ैलाने के लिए फायरिंग की और भाग गए, बाद में पुलिस ने जांच करी तो दोनों CCTV फुटेज में नजर आ गए, पुलिस ने इस मामले में आशिक अली नाम के होटल के मालिक मोहम्मद चाँद के बेटे और उसके 1 दोस्त को गिरफ्तार किया है 

इन लोगो की पहले भी शिकायत की गयी थी, पर सेक्युलर प्रशासन ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्यवाही करे ऐसा सिस्टम ही नहीं है, ये लोग इस इलाके में दादागिरी, स्टंट, बदमाशी करते आ रहे थे, पर इनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गयी, और अब इन्होने गोलीबारी भी शुरू कर दी, गोलीबारी के बाद ही पुलिस की नींद भी जागी 

इलाके में हिन्दुओ के मन में खौफ भरने के लिए मंदिर के बाहर फायरिंग कर दी गयी, मीडिया ने इस घटना को हमेशा की तरह दबाने का ही कार्य किया है