जम्मू - इलाके के हिन्दू कासिम को कहते थे 'पीर बाबा', कासिम ने कर दिया 13 साल की बच्ची का बलात्कार


एक आंधी सी चल निकली है हवस और हैवानियत की.. उस आंधी में सबसे ज्यादा आशियाने अगर किसी के उड़ रहे हैं तो वो हैं उन परिवारों के जिनके घरों में मासूम बेटियां हैं.. 
उत्तर प्रदेश से ले कर मध्यप्रदेश तक फैला हवस का ये सिलसिला अब पहुच गया है आतंकवाद से लड़ते जम्मू कश्मीर में जहां गद्दार आतंकियों के बाद अब निकलने शुरू हुए है हवसी दरिंदे बलात्कारी.. 
इस बार जम्मू कश्मीर इलाके के रामबन क्षेत्र से आई है ऐसी खबर जिसने उस इलाके के उन हिंदुओं के होश उड़ा दिए हैं जो हवस की आग दहकते दरिंदे कासिम को पीर बाबा बोल कर उसके आगे बाकायदा सर तक झुकाते थे.. आतंक से जूझ रहे जम्मू कश्मीर के लोगों ने अब झेला है एक मासूम बच्ची का बलात्कार जिसके बाद फैल गया है तनाव और लोगो मे जबर्दस्त आक्रोश की लहर भी..
ज्ञात हो कि जम्मू कश्मीर के रामबन क्षेत्र का रहने वाला ये दरिंदा पीर मासूम बच्चियों पर बुरी नजर रखता था.  उसके पास अपनी बेटियों को आशीर्वाद आदि दिलाने आने वाले हिंदुओं को ये पता ही नही था कि उनके पीछे क्या चल रहा है..हालात तो तब सामने आए जब पीर बने उस 50 साल के हैवान की शिकार एक 13 साल की बच्ची गर्भवती हो गयी और उसके परिजनों ने इस मामले की शिकायत पुलिस में की.. 
इस घटना के बाद पीर आदि के नाम पर विश्वास कर के कासिम जैसे दरिंदो के पास अपने परिवार की बहन बेटियों को ले जाने वाले अन्य लोग भी सकते में हैं और अपने घर की मासूम के साथ हो चुकी किसी संभावित अनहोनी को ले कर सशंकित हैं.. फिलहाल शिकायत आने के बाद पुलिस ने अपनी कार्यवाही शुरू कर दी है और भागने की कोशिश कर रहे हैवान पीर कासिम को दबोच लिया है..
पुलिस के बयान के अनुसार, गर्भवती होने की जानकारी मिलते ही परिजनों ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस ने आगे बताया कि, आरोपी पीर कासिम (50) गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। हालांकि शुक्रवार को पुलिस ने उसे बनिहाल क्षेत्र से गिरफ्तार कर ही लिया।
यहां ध्यान रखने योग्य ये भी है कि इस से पहले भी जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में तीन साल की बच्ची से कथित बलात्कार के विरोध में घाटी में जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ था। फिलहाल एक के बाद एक मासूम बच्चियों के साथ हो रही दरिंदगी की घटनाओं ने समाज को हिला कर रख दिया है..
 इस प्रकार की बलात्कार की श्रृंखलाबद्ध घटनाओं ने आम लोगों में बेचैनी इसलिए भी बढ़ा दी है क्योंकि जगह और नाम ही बदल रहे हैं,बाकी सोच और मानसिकता एक ही है लगभग उन सभी घटनाओं के अंदर..