हर तरह के अपराध में जिहादियों को बचाया जा सके इसी कारण चाहिए कट्टरपंथियों को शरीया कोर्ट



  • पहले इन लोगों ने कहा की बंटवारे के बाद हम लोग भारत में रहे पाकिस्तान नहीं गए क्यूंकि हमे भारत में ही रहना था, हमे सेक्युलर देश चाहिए  था, हमे भारत से प्यार था 
  • फिर इन लोगों ने अब कह  कहना शुरू कर दिया की हमे शरिया अदालत चाहिए, और इसके अलावा  भी कहा की शरिया अदालत नहीं दे सकता भारत तो मुसलमानो के लिए अलग देश बनाया जाए 
सब खेल जनसँख्या का है, जैसे जैसे इनकी जनसख्याँ बढ़ेगी इनकी समस्या भी बढ़ती जाएगी, आज शरिया अदालत चाहिए, जिसमे मुस्लिमो के मामले सुने जायेंगे 

फिर आबादी बढ़ेगी तो मुसलमानो के सभी मामले भारत के संविधान वाले अदालतों में नहीं बल्कि शरिया अदालत में ही चलेंगे ये मांग की जाएगी 

फिर जैस और आबादी बढ़ेगी, तब हिन्दुओ के भी मामले ये शरिया अदालत में ही शुरू करेंगे, अब शरिया अदालत क्यों चाहिए ये भी एक बड़ी वजह है 




लव जिहाद से लेकर रेप और मुस्लिमो के तमाम मामले शरिया अदालत में ही होंगे ये मांग ये बढ़ती जनसँख्या के साथ कर ही देंगे 

रेप और तमाम अपराधों में जिहादियों को बचाने का खेल है ये शरिया अदालत, और अगर इनको शरिया अदालत दे दिया जायेगा तो ये असल खेल उसके बाद शुरू करेंगे, रेप के मामले में ये जिहादी को बरी कर देंगे, और भारत की अदालत में ये मामला जायेगा तो कहेंगे की हम तो सिर्फ शरिया की मानेंगे संविधान की नहीं 

और इसी तरह ये अपने जिहाद को बढ़ाते ही जायेंगे, बढ़ाते ही जायेंगे,  हिन्दू समाज सेकुलरिज्म में ही लगा रहा तो आने वाला समय हिन्दू समाज के लिए भीषण होगा और इसमें कोई शक  नहीं रहना चाहिए 

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