भारतीय मुस्लिमो को दोयम दर्जे का मुस्लिम मानता है सऊदी, नहीं फटकने देता सऊदी महिलाओं के आसपास भी



आप सऊदी अरब के बारे में नहीं जानते तो आपको बता दें की आज भी यहाँ पर भारतीय प्लस पाकिस्तानी प्लस बंगाली मुसलमानो को "अल हिंदी" कहा जाता है, यानि हिन्दुओ से मुसलमान बनने वाले मुस्लिम 

इनको सऊदी में "अल हिंदी मस्कीन" कहा जाता है - ऐसे मुसलमान जिनको हिंदुस्तान में मुस्लिम बनाया गया, अल हिंदी मस्कीन में पाकिस्तानी भारतीय और बांग्लादेशी मुसलमान आते है 

सऊदी के पूर्व राजा अब्दुल्ला ने कहा था की - भारतीय और पाकिस्तानी मुसलमान खुद को अरबी समझने की भूल न करे, साथ ही वर्तमान प्रिंस ने पिछले ही दिनों पाकिस्तानी मुसलमानो को अपना कुत्ता बताया था, और इस से पहले भी सऊदी के कई धर्मगुरू भारतीय पाकिस्तानी और बंगाली मुस्लिमो पर ऐसे बयान देते आये है 

1950 के बाद से अबतक भारत पाकिस्तान और बांग्लादेश से करोडो मुस्लिम रोजगार नौकरी और अन्य कामो के लिए सऊदी अरब गए है, पर 1 भी सऊदी की महिला से शादी नहीं कर सका है, 1 भी नहीं 

आजतक 1 भी भारतीय पाकिस्तानी या बंगाली मुस्लिम सऊदी अरब की महिला से शादी नहीं कर पाया है और 25 ने चेष्टा की तो अब वो दुनिया में नहीं है, उनको कई आरोप लगाकर सऊदी अरब में सर कलम कर मौत के घाट उतार दिया गया है 

सऊदी अरब भारतीय पाकिस्तानी और बंगाली मुस्लिमो को इतना ख़राब समझता है की इनको अल हिंदी मस्कीन कहकर बुलाता है, और इन लोगों को चाहे ये कितने भी अच्छे हो पढ़े लिखे हो, इनको साफ़ बताया जाता है की सऊदी की किसी भी महिला के आसपास भी न भटके

ऐसा सिर्फ सऊदी में ही नहीं बल्कि अरब के कई सारे देशों में होता है, आजतक 1 भी भारतीय मुस्लिम सऊदी में किसी सऊदी महिला से शादी नहीं कर सका है, हां सऊदी के लोग हैदराबाद जैसी जगह पर आकर भारतीय मुस्लिम महिलाओं को जरूर खरीदकर अपने यहाँ ले जाते है 


आप किसी भी जानकर से इस बात की पुष्टि कर सकते है की अरब के देशों में कोई भारतीय मुस्लिम किसी अरबी महिला से शादी कर सकता है या नहीं,  सऊदी में तो कइयों का सर कलम कर दिया गया है 
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