अब्दुलों से मित्रता और उनपर भरोसा कितना खतरनाक हो सकता है ये उस का उदाहरण है



आप सेकुलरिज्म सीखकर बड़े हुए है और वो अपनी मजहबी किताब, आज हम इस पोस्ट को लिखते हुए खुलकर बात को रखेंगे, जो सच है 

आपको सिखाया जाता है की सभी बराबर है, सब इन्सान है, पर उनको सिखाया जाता है की दुसरे धर्म वाला काफिर है, ये बात उनके किताब में लिखी है, सेक्युलर तत्व भले हमे सांप्रदायिक कहें, वो कहेंगे ही क्यूंकि हम कडवी और सच्ची बात करते है 

आपको पहले दिखाते है की अब्दुल पर भरोसा करने और उस से मित्रता करने पर 1 व्यक्ति के साथ क्या हुआ, ये मात्र 1 उदाहरण है 




मामला उत्तर प्रदेश के मुल्सिम बहुल इलाके बिजनोर का है, जहाँ जयेंद्र ने सलमान से मित्रता की थी, वो तो सलमान को इन्सान समझता था पर सलमान दुसरे धर्म के जयेंद्र को वही समझता था जो उसकी मजहबी किताब में लिखा हुआ है 

जयेंद्र की प्रेमिका थी, नाबालिग थी, जयेंद्र अपनी प्रेमिका के साथ था, और उसने अपने बेस्ट फ्रेंड सलमान को भी मिलने बुला लिया, साथ खायेंगे इत्यादि जैसे आम दोस्त होते है 

पर सलमान अपने साथ अल्लाउदीन, कासिम और मुशर्रफ को भी ले आया, पहले तीनो ने जयेंद्र को बुरी तरह मारा और जयेंद्र से उसकी नाबालिग प्रेमिका का रेप करवाया और विडियो बनाया, फिर तीनो ने बारी बारी से उस लड़की का गैंगरेप किया 

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार है इसलिए ये गिरफ्तार कर लिए गए है वरना मामले को भी रफादफा कर दिया जाता, जयेंद्र जैसे लोग इन अब्दुलों को इन्सान ही समझते है पर अब्दुल क्या समझते है ये उनकी मजहबी किताब से पता चलता है 

अब्दुलों से मित्रता और उनपर भरोसा कितना खतरनाक हो सकता है ये मात्र 1 उदाहरण है और हां हमने सच को लिखा आपके सामने रखा इसलिए हम सांप्रदायिक हैं 
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