श्रीलंका में टेरेसा की बहन एलजा, कुंवारी लड़कियों के बच्चे बेचने के अपराध में की गयी थी गिरफ्तार


 टेरेसा की सिस्टर एलजा श्रीलंका में अविवाहित लड़कियों के बच्चे बेचने के अपराध में गिरफ्तार हुई थी।

अविवाहित नाबालिग लड़कियों को गर्भाधान के लिए प्रेरित करना चर्च का एक प्रमुख काम है। क्योंकि निःसंतान परिवारों को बच्चा अपनाने के लिए देने का काम सबसे अधिक मिशनरीज ऑफ चैरिटी ही करता है। 

इस काम में मिशनरीज ही लीडिंग प्लेयर हैं। जितने बच्चे ये विभिन्न परिवारों को एडॉप्शन के लिए देते हैं उससे अधिक बच्चे ये बड़ी रकम पाने के बदले बेच दिया करते हैं। क्योंकि अधिकांश देशों में चाइल्ड एडॉप्शन के नियम थोड़े कठोर हैं। तो ये उससे बचने के लिए जहाँ से अधिक पैसे मिले उन परिवारों को आसानी से बच्चे बेच दिया करते हैं। यह बच्चों के एडॉप्शन का खेल मिशनरीज की कमाई का एक बहुत बड़ा माध्यम है।

भारत और दक्षिण एशियाई विकासशील देशों में चूँकि परिवार व्यवस्था मजबूत होने के कारण अवैध संतानों की कमी रहती है तो इस कमी की पूर्ति के लिए चर्च मिशनरिज वालों ने कम आयु की अविवाहित बच्चियों को गर्भाधान के लिए प्रेरित करना आरंभ कर दिया है। 

अविवाहित लड़कियां प्रैग्नेंट हो जाने पर लोक लाज से बचने के लिए बच्चों को जन्म देकर पालने से बचना चाहती हैं। और उनका नाम किसी पंजीयन में न चढ़े यह भी चाहती हैं। इसी बात का लाभ उठाकर मिशनरिज उनके बच्चों को तत्काल बेच डालते हैं। यह काम मिशनरीज वाले भारत में भी कर रहे हैं और श्रीलंका की यह घटना भी इसी ओर इशारा कर रही है।

मिशनरिज छोटी लड़कियों का गर्भाधान कराके एक साथ कई निशाने साधते हैं। एक तो जिन लड़कों को इन कमसिन लड़कियों से प्रेम का अवसर दिया जाता है उनका मतान्तरण आसानी से हो जाता है। वो आसानी से अपनी कामुकता के कारण ईसाई बन जाते हैं। दूसरा जिस परिवार की लड़की गर्भवती हो गयी है उस परिवार को ब्लैकमेल करके ईसाई बनाना आसान हो जाता है इनके लिए। 

तीसरा उस लड़की का विवाह हो जाने के बाद भी मिशनरीज वाले उसको ईसाईयत का काम करने के लिए ब्लैकमेलिंग करके मजबूर करते रहते हैं। चौथा जिस परिवार को बच्चा एडॉप्ट कराते हैं उसको भी एहसान के नीचे दबाकर ईसाई बनाने का प्रयास करते हैं। पाँचवाँ यदि अवैध रूप से बच्चा दिया गया है तो कानूनी भय दिखाकर भी ब्लैकमेलिंग किया जाता है। 

छठा इस कुकृत्य के सहारे सामजिक संस्कृति को नष्ट करने का प्रयास किया जाता है। जबतक स्थानीय संस्कृति नष्ट नहीं होगी तबतक इनका ईसाईकरण आसान नहीं होगा। सातवाँ कमाई का एक बड़ा माध्यम बनता है इनके द्वारा किया जा रहा यह कदाचार। आठवाँ उन लड़के लड़कियों के सेक्सुअल कुकृत्य का वीडियो बनाकर उन वीडियोज को पोर्न साइट्स पर डाल देते हैं। 

इससे वो दोनो ही मिशनरिज के चंगुल में सदा के लिए आ जाते हैं। और पोर्न वीडियोज और पोर्न साइट्स भी मिशनरीज वालों के लिए कमाई के लिए एक बड़ा माध्यम बनता है। नवाँ पोर्न और वेश्यावृति का कारबार वेटिकन का भी प्राचीन काम रहा है। पूरे विश्व में वेश्यावृति के धंधे को फैलाने का काम चर्च ने ही किया है उसके आरम्भ काल से। इस काम को पालने फैलाने का काम मिषणरीज वाले कर रहे हैं पूरी दुनियाँ में।

प्रेम के इस खेल का प्रमाण इनके संस्थानों के नाम से भी मिलता है। जहाँ से सिस्टर एलजा गिरफ्तार हुई थी उस संस्थान का नाम था प्रेम निवेस और राँची में जहां से बच्चा बेचते हुए ननें गिरफ्तार हुई हैं उस संस्थान का नाम है निर्मल हृदय। इससे साफ पता चलता है अवैध प्रेम का यह खेल मिशनरिज वाले ही चला रहे हैं। ईनके द्वारा अवैध प्रेम के प्रसार से इनको धन भी मिलता है और मतान्तरण के लिए मजबूत आधार भी। 

इनके इस कुकृत्य को पालने के लिए ये मिशनरिज वाले फिल्मों, सीरियल्स, एडवर्टिजमेंट इत्यादि के माध्यम से सेक्स और लव परोसकर इसको बढ़ाने का काम कर रहे हैं जिससे इनको बच्चा बेचने के अवैध कारोबार के लिए अवैध बच्चे उपलब्ध होते रहें।
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