ऐसा मोहम्मद कासिम ने पैगम्बर की सीख पर किया, गाय को मारकर मंदिर में मांस टांगा



वामपंथी इतिहासकारों ने हमेशा ही इस्लामिक हमलावरों के कुकर्मो को छुपाने का काम किया, यहाँ तक की वामपंथी हमलावरों ने तो इस्लामिक हमलावरों, आतंकवादियों और दहशतगर्दो की तारीफ की जिन्होंने भारत पर हमला कर यहाँ कत्लेआम किया, लूट मचाया 

भारत पर सबसे पहला इस्लामिक हमला सन 712 में हुआ था, मोहम्मद बिन कासिम नामक अरबी मुस्लिम हमलावर ने भारत पर हमला किया था, कासिम ने पर्शिया पार करने के बाद मुल्तान पर हमला किया था, स्थानीय राजा थे राजा दाहिर 

हिन्दू बुरी तरह बंटे हुए थे, हिन्दू छोटे छोटे राज्यों में बंटे हुए थे, उनमे धार्मिक एकता नाम की कोई चीज नहीं थी, और इसी का फायदा इस्लामिक हमलावरों ने उठाया, राजा दाहिर की किसी ने मदद नहीं की 

मोहम्मद बिन कासिम ने 1 लाख की इस्लामिक सेना के साथ मुल्तान पर हमला किया, और हज़ारों हिन्दुओ की हत्या की, साथ ही महिलाओं का बलात्कार किया गया और उन्हें अरब के बाज़ारों में बेचा गया 

जब मोहम्मद बिन कासिम ने मुल्तान पर हमला किया तो वहां एक गाय को मारकर स्थानीय सूर्य मंदिर में सूर्य की मूर्ति पर गौमांस को टांग दिया 
इस्लामिक हमलावरों ने ऐसा मोहम्मद की सीख पर काफिरों में खौफ भरने के लिए किया, इस्लामिक हमलावर जानते थे की हिन्दू गाय को पवित्र मानते है, और इस्लामिक हमलावर न सिर्फ हमला कर लूट मचाना चाहते थे, अपितु धर्मांतरण भी करना चाहते थे



मंदिर को तोडा गया, और सूर्य मूर्ति पर गौमांस टांग दिया गया, ऐसा हिन्दुओ में और अधिक खौफ भरने के लिए किया गया, मोहम्मद बिन कासिम ने बड़े पैमाने पर मंदिरो को तुड़वाये और गौहत्या की 

इस्लामिक हमलावरों का इतिहास नरसंहार और घृणित नफरत भरे कार्यों से भर हुआ है, जिसे वामपंथी इतिहासकार अपनी किताबों से छुपाते है, यहाँ तक की हमलावरों की भी तारीफ करते है 

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