इस बार पाकिस्तान नहीं बल्कि कब्रिस्तान मिलेगा : प्रशांत पटेल, वकील



1947 में कट्टरपंथियों ने सेकुलरों के साथ मिलकर भारत के 3 टुकड़े कर दिए थे, कट्टरपंथियों के लिए नए देश बना दिए गए, पाकिस्तान और आज का बांग्लादेश, ये दोनों ही भारत का 33% भूभाग थे, जिसे कट्टरपंथियों और सेकुलरों ने मिलकर भारत से काट दिया 

कट्टरपंथियों को देश मिल गया तो भी बड़ी ही चालाकी से करोडो कट्टरपंथी वर्तमान भारत में ही रुक गए, सेकुलरों ने इनकी मदद की, भीमराव रामजी आंबेडकर, सरदार पटेल जैसे राष्ट्रवादियों ने कहा था की सभी कट्टरपंथियों को पाकिस्तान भेजा जाना चाहिए 

पर देश का दुर्भाग्य ये था की उस समय सत्ता सेकुलरों के पास थी, और करोडो कट्टरपंथियों को भारत में ही रहने दिया गया, कट्टरपंथियों ने फिर अपनी आबादी को तेजी से बढ़ाना शुरू कर दिया, और अब कट्टरपंथी इतने हो चुके है की शरिया अदालत और अब नया मुस्लिम देश मांग रहे है 

इन कट्टरपंथियों को पहले मुस्लिम देश मिला  था, ये अब भी उसी की फिराक में है, पर ये कट्टरपंथी एक चीज को शायद नहीं समझ रहे वो चीज ये की उस ज़माने में भारत में सत्ता सेकुलरों के पास थी, पर अब देश के करोडो राष्ट्रवादी जागे हुए है, आज सत्ता राष्ट्रवादियों के पास है, और करोडो राष्ट्रवादी जागरूक है 

हालाँकि आज भी करोडो सेक्युलर है, पर आज करोडो राष्ट्रवादी भी है, कट्टरपंथियों को एक साफ़ सन्देश वकील प्रशांत पटेल ने भी दे दिया 


कट्टरपंथी हमारे देश को तोड़ने की मंशा बना रहे है, उनके लिए ये साफ़ सन्देश है - ये देश कोई मिटटी का टुकड़ा नहीं देश के राष्ट्रवादियों के लिए माता के सामान है 

इस बार कट्टरपंथियों को पाकिस्तान नहीं बल्कि कब्रिस्तान मिलेगा, देश के राष्ट्रवादी उनको कब्रिस्तान दिलाएंगे, और हर कीमत पर भारत माता की रक्षा की जाएगी, चाहे कितने भी कब्रिस्तान बनाने पड़े 

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