सेना पर पत्थरबाजी, डॉ नारंग, अंकित सक्सेना, चन्दन गुप्ता की हत्या लिंचिंग में नहीं आते ? : कपिल मिश्रा



देश में सेकुलरिज्म के नाम पर जो दोगलापन चल रहा है, उसे आप नंगा नाच ही कह सकते है, जहाँ धर्म को देख कर तय किया जाता है की किस घटना को लिंचिंग बोलना है और किसको नहीं 

इस दोगलेपन के खिलाफ देश को बोलने की जरुरत है क्यूंकि ये दोगलापन बेहद खतरनाक है, दिल्ली के विधायक ने चल रहे इस दोगलेपन पर तीखा कटाक्ष किया है, पहले हम आपको कपिल मिश्रा का वीडियो दिखाना चाहते है, उन्होंने एक टीवी कार्यक्रम में ये बातें कही 


दिल्ली में डॉ नारंग को अवैध बांग्लादेशियों ने पीट पीट कर मार दिया था, दिल्ली में ही सड़क पर अंकित सक्सेना नामक युवक के गले को रेतकर मार दिया गया था, कासगंज में चन्दन गुप्ता नामक युवक को वन्दे मातरम और भारत माता की जय बोलने पर मार दिया गया था 

इसके अलावा कश्मीर में सेना पर आये दिन पत्थरबाजी की जाती है, भीड़ बुलाकर मजहबी नारे लगाकर सेना पर पत्थरबाजी की जाती है

पर ये सब सेक्युलर मीडिया और सेक्युलर नेताओं के लिए लिंचिंग में नहीं आता, अलवर पर तो खूब शोर मचाया जा रहा है, राजस्थान के बाड़मेर में 22 साल के दलित लड़के खेताराम भील को मुस्लिम लड़की से बात करने पर पीट पीट कर मार दिया गया है, उसपर किसी की जबान नहीं खुल रही है, देश में सेकुलरिज्म का नंगा नाच चल रहा है, और ये उफान पर है 

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