थाईलैंड पहुँच गयी भारतीय मीडिया पर अपने ही देश के रांची शहर में नहीं पहुँच पा रही है

दलाल मीडिया पर सांकेतिक चित्रण 

मीडिया पुरजोर कोशिश कर रही है मिशनरियों के काले कारनामो को छिपाने की, ये तो आजकल सोशल मीडिया है तो कुछ मामले सामने आ भी रहे है, खबरी दलाल मदरसों और मिशनरियों के मामलों को दबाती और छिपाती है, जबकि हिन्दुओ के खिलाफ ये लोग अजेंडे के तहत महीने महीने कार्यक्रम चलाते है, देश की जनता  भी दोषी है, जो ऐसे दलालों के चैनलों को देखकर इनकी TRP में योगदान देती है 

रांची शहर के सिर्फ 1 मिशनरी "निर्मल ह्रदय" जिसे टेरेसा ने शुरू किया था, उसमे 280 बच्चे गायब है, ये बच्चे इसी मिशनरी के अनाथालय में रहने वाली लड़कियों से पैदा हुए थे, और ये लड़कियां भी नाबालिग है, इनकी शादी नहीं हुई है 

मिशनरी वालों ने सैंकड़ो नाबालिग लड़कियों को प्रेग्नेंट किया, और प्रेग्नेंट रेप करके किया, उनके जन्मे सैंकड़ो बच्चों को बेच दिया 

भारत की मीडिया पिछले कई दिनों से थाईलैंड में फंसे 12  बच्चों की खबर दिखाने में व्यस्त है, थाईलैंड के 12 बच्चों के बारे में 1-1 चीज बताई जा रही है, वैसे बतानी भी चाहिए इसमें कोई बुराई नहीं है 

पर ये मीडिया जो थाईलैंड के 12 बच्चों के लिए हज़ारों किलोमीटर दूर थाईलैंड से रिपोर्टिंग कर रही है, ये मीडिया थाईलैंड के 12 बच्चों के लिए हज़ारों किलोमीटर दूर थाईलैंड में पहुँच गयी है, यही मीडिया अपने ही देश के रांची शहर में नहीं पहुँच पा रही है 

जहाँ भारत के ही 280 बच्चे तो गायब है, और सैंकड़ो नाबालिग लड़कियों को प्रेग्नेंट कर दिया गया है, मीडिया पूरा जोर लगा रही है इस मामले को दबाने के लिए, क्योंकी ये मिशनरियां इन मीडिया वालो की फंडिंग करती है, और ये मिशनरियां किस प्रकार पैसे कमा रही है ये तो आपके सामने है, बच्चे बेचकर, मानव अंग बेचकर, तस्कारियाँ कर के, मीडिया ये ही पैसा खाकर चुप है 

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