जिनको शरिया अदालत चाहिए उनके वोट के अधिकर को ख़त्म किया जाये : कपिल मिश्रा



देश के कट्टरपंथियों ने पिछले दिनों संविधान को सीधे चुनौती देते हुए शरिया अदालत की मांग कर दी और ऐलान कर दिया की वो देश के हर जिले में शरिया अदालत खोलेंगे 

कांग्रेस पार्टी ने इसका समर्थन भी कर दिया, और कांग्रेस के कर्णाटक में मंत्री ज़मीर अहमद खान ने कहा की शरिया अदालत अच्छी चीज है और भारत के हर जिले में जल्द खुलने चाहिए 

जब लोगों ने शरिया अदालत का विरोध किया तो एक कट्टरपंथी मुफ़्ती ने तो यहाँ तक कह दिया की भारत हमे शरिया अदालत नहीं दे सकता तो मुसलमानो के लिए अलग देश दिया जाये 

इस मामले पर कपिल मिश्रा ने एक बहुत ही तर्कपूर्ण बात कही, आप खुद ही देखिये उन्होंने क्या कहा और क्या मांग की 



बता दें की इस्लाम में वोटिंग हराम है, सऊदी जैसे मुस्लिम देशों में वोट नहीं होते, ये इस्लाम में हराम है, और शरिया कानून वोट की इज़ाज़त नहीं देता

कपिल मिश्रा ने भी ये मुद्दा उठाया और बताया की शरीयत के हिसाब से वोटिंग हराम है वोटिंग का अधिकार नहीं है, साथ ही उन्होंने कहा की वोट का अधिकार तो भारत का संविधान देता है शरीयत नहीं 

कपिल मिश्रा ने कहा की जिन लोगों को संविधान से नहीं बल्कि शरीयत से चलना है उन सभी के वोट के अधिकार को ख़त्म कर देना चाहिए

कपिल मिश्रा की बात बहुत ही ठोस है, इन कट्टरपंथियों के वोट के अधिकार को ख़त्म कर देने से देश का बहुत भला होगा और हम कपिल मिश्रा की बात का समर्थन करते हुए मांग करते है की तमाम कट्टरपंथियों के वोट के अधिकार को तुरंत ख़त्म कर देना चाहिए 
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