राम मंदिर को पिछले 8 साल से टाल रहे मीलार्ड को कब्रिस्तान ताजमहल पर चाहिए हर चीज फटाफट


देश का संविधान सेक्युलर है - वैसे सेक्युलर एक अंग्रेजी शब्द है जिसका मतलब होता है, सभी तरह के लोगों से एक सामान, एक जैसा व्यवहार, पर भारत में सेकुलरिज्म का मतलब है - सबका कल्याण पर हिन्दुओ पर अत्याचार 

हमारे संविधान को भी और कानूनों को भी इसी तरह बनाया गया है, जो लगातार हिन्दुओ के साथ भेदभाव करता है, न्याय हो, या सरकारी कार्यक्रम - सरकार किसी की भी हो पर संविधान और नियम कानून ही ऐसे बनाये गए है की जिस से हिन्दुओ का शोषण हो, इस संविधान में कांग्रेस ने 100 से ज्यादा बदलाव भी किये है 

सुप्रीम कोर्ट जिसके पास राम मंदिर से जुड़ा हुआ केस 2010 से ही है यानि 8 साल से और आज भी सुप्रीम कोर्ट राम मंदिर के मामले पर चीजो को टालता रहता है, हिन्दुओ की भावनाओं का कितना सम्मान किया जाता है अदालत के द्वारा ये 8 साल से पूरी दुनिया देख रही है 

जबकि ताजमहल जो की एक कब्रिस्तान है, उसके लिए देखिये किस प्रकार देश के मीलार्ड एक्टिव और आहात हो रहे है 


ताजमहल के रखरखाव में हर साल करोडो रुपए खर्च किये जाते है, ताजमहल की रोजाना साफ़ सफाई की जाती है, करोडो रुपए लगाये जाते है, पर ताजमहल पर मीलार्ड इतने आहात है की ये कह रहे है की ताजमहल का और ख्याल रखो वरना तोड़ दो 

मिलर्ड साहब तो ताजमहल पर सेंटी होकर बयानबाजी कर रहे है, ये वो है जो हिन्दुओ के एक मंदिर के मामले को 8 साल से टालते जा रहे है 

देश का संविधान, कानून, अदालत सब इसी तरह से डिजाईन किया गया है जो हिन्दुओ पर कठोर ही रहता है, और हिन्दू समाज इस सिस्टम के हमेशा ही निशाने पर रहता है 
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