भारतीय वैज्ञानिकों ने रचा इतिहास, ISRO की जबरजस्त कमाई, 600 करोड़ का फायदा


इसरो द्वारा भेजे गए PSLV उपग्रहों से उसे बहुत ज्यादा मुनाफा हुआ है। यह 29 Nano Satelite थे जिसे भारत ने एक साथ लांच किया था। इसमें भारत के साथ 14 देशों के सैटेलाईट शामिल थे। इसकी मदद से ISRO को अब तक 157 मिलियन यूरो की कमाई हो चुकी है।

पिछले 6 महीनों में इसरो करीब 130 Satelite  लांच कर चुका है और विश्व भर में अपनी साख कायम करने में सफल हुआ है। अन्तरिक्ष में उपग्रहों को भेजने के बिजनेस में अब बहुत प्रतिस्पर्धा है। अभी रूस और यूएस कंपनियां इसपर कब्जा जमा कर बैठी हुई हैं। इसरो ने छोटे उपग्रहों को अन्तरिक्ष में भेजने में महारत हासिल कर ली है और यह कई देशों को इसरो की तरफ आकर्षित करने के लिए काफी है।


    2015-16 में एंट्रिक्स ने विदेशी सैटेलाईट के लॉन्च के बाद इसरो ने 230 करोड़ रुपये कमाये थे। यह ग्लोबल लॉन्च सर्विस मार्केट की कुल आमदनी का 0।6% हिस्सा है। 2013 से 2015 तक इसरो ने 28 विदेशी उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजा। इनसे एंट्रिक्स को 600 करोड़ तक की कमाई हुई।

अभी अगर स्पेस इंडस्ट्री की कीमत आंकी जाए तो यह करीब 200 अरब डॉलर की है। अभी इसरो के एंट्रिक्स के हिस्से में इसका बहुत छोटा सा हिस्सा ही है। भविष्य में इसके और अधिक बढ़ने की संभावना है।
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