उत्तराखंड : समाज से निष्काषित हुआ वो मुस्लिम परिवार जिसने बछड़े से किया कुकर्म


गाय काटने नहीं दी जाएगी तो उसके साथ इस तरह से पेश आएंगे हवस का पुजारी ..इस हद तक गिर गए थे हवस की आग में वो दरिंदे कि उन्हें बछड़ा ही मिला अपनी आग बुझाने के लिए .. यद्द्पि उन्हें कानून और समाज दोनों ने दंड दिया ।।

ज्ञात हो कि उत्तराखण्ड में पौड़ी गढ़वाल क्षेत्र में एक मुस्लिम परिवार को लोगों ने शरण दी थी जिसके बाद उसने वहां के ही लोगों के साथ विश्वासघात किया .. वहां उसने पहले तो फर्नीचर की दुकान खोली उसके बाद आये दिन लोगों को किसी ना किसी प्रकार से तंग करना शुरू कर दिया ..

नारियां तो दूर बछड़े भी नहीं बच रहे कुकर्मियों से .. समाज से निष्काषित हुआ वो मुस्लिम परिवार जिसने बछड़े से किया कुकर्म

उसने वहां की लड़कियों पर गन्दी नजर डालनी शुरू की व लोगों से बिना वजह झगड़ा आदि करना शुरू कर दिया .. सहिष्णु समाज पहले तो इन बातों को छोटी मोटी घटना समझ कर टालता रहा पर उस दिन हद तब हो गयी जब वो गौ शाला में घुस कर एक बछड़े के साथ कुकर्म करता पाया गया ..


इसके बाद वहां के लोगों का धैर्य फूट पड़ा व पहले तो उस कुकर्मी को जेल भिजवाया .. जेल के बाद अपनी बहू बेटियों की इज्जत ऐसे कुकर्मियों से बची रहे इसके लिए सामूहिक पंचायत की व उसके पूरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार एकमत से किया गया जिसके पीछे उनकी औलादों का जीवन व भविष्य दोनो जुड़ा था ..


इस घटना के बाद ना ही किसी नेता की आवाज आई व ना ही किसी मज़हबी ठेकेदार की .. सब खामोश रहे उस कुकर्म की अंतिम सीमा को देख व जान कर ..समाज को ऐसे दरिंदों से बेहद सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि ऐसे दरिंदो के लिए इंसान का शरीर तो एक आग बुझाने वाली वस्तु से बढ़कर कभी नहीं हो सकता ... 

वहां के समाज द्वारा ऐसे दरिंदों को बहिष्कृत किये जाने की घटना की चारों तरफ मुक्त कंठ से प्रशंशा हो रही है ।।