यार सेना रोज आतंकी ठोक रही है, हामिद अंसारी जैसों में "बेचैनी और डर" तो होगा ही !!



हामिद अंसारी का कहना है की देश के मुसलमानो में बेचैनी और डर का माहौल है 
मुसलमान बेचैन है और डरे हुए है 

पहली बात तो ये की हामिद अंसारी का ये बयान गैर इस्लामिक है, इस्लाम के खिलाफ है 
क्यूंकि मुसलमानो में माना जाता है की वो केवल अल्लाह से डरते है 
इसलिए हामिद अंसारी के खिलाफ मुल्लाओं को फतवा निकलना चाहिए क्यूंकि उन्होंने इस्लाम के खिलाफ बात की है 

अब आते है दूसरे मुद्दे पर 
हामिद अंसारी भी मुसलमान है, बाकि का तो पता नहीं, बयान उन्होंने ही दिया है 
इसलिए हमे लगता है की वो बेचैन और डरे हुए है 

सही बात है, इस देश में सेना को खुल्ला छोड़ दिया गया है, सेना आये दिन बुरहान, दुजाना, सबज़ार जैसों को आज़ादी दे रही है, 100 दिन में 140 से अधिक आतंकियों को सेना ने बिना डिस्काउंट के साफ़ कर दिया है 

अभी 3 दिन में ही 13 आतंकियों को भारतीय सेना ने ढेर किया है 
हामिद अंसारी और इनके जैसे कट्टरपंथी सच में बेचैन और डरे हुए तो है ही, और इनकी मुख्य बेचैनी और डर इस बात से है की, "न जाने सेना और कितनो को ठोकेगी"


आतंकी ही नहीं मोदी सरकार ने तो हुर्रियत और अलगाववादियों का भी जीना मुश्किल किया हुआ है 
पहले कितने आराम से आतंकवाद का धंधा चलाते थे 
अब मोदी जीने थोड़ी दे रहे है, बड़े बेचैन है ये आतंकी और कट्टरपंथी