मायावती अखिलेश से किसी ने नहीं माँगा इस्तीफा, योगिराज में स्तिथि सुधर रही है और मांगा जा रहा इस्तीफा !



इन्सेफेलाइटिस जिसे जापानी बुखार भी कहा जाता है 

1978 से यह बीमारी गोरखपुर के साथ लगभग 35 जिलों में अगस्त के महीने में फैलती है ! 1998 से लगातार योगी जी इस बीमारी के बारे में देश को समझाते आ रहे है ! अब तक इस बीमारी से 50,000 से ज्यादा मौत हो चुकी है !

योगी जी 1998 में सांसद बने थे, और तभी से उन्होंने इन्सेफेलाइटिस के खिलाफ संघर्ष किया 
पर उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकारें रही नहीं, और योगी जी तो मायावती और अखिलेश, मुलायम के निशाने पर शुरू से ही रहे 
इन्सेफेलाइटिस के खिलाफ योगी जी के संघर्ष को सरकारी मदद कभी मिली ही नहीं 

केंद्र में भी 2004 से लेकर 2014 तक कांग्रेस की सरकार रही 
उत्तर प्रदेश में सपा बसपा की सरकारें चलती रही 

अभी कुछ लोग इन्सेफेलाइटिस से होने वाली मौतों पर योगी जी का इस्तीफा मांग रहे है 
पिछले 5 साल के आंकड़ों पर एक बार नजर डालते है 



2012 से लेकर 2016 तक अखिलेश यादव की सरकार रही, 2017 में तो योगी जी सिर्फ 4 महीने से मुख्यमंत्री है 
इन्सेफेलाइटिस लगातार लोगों की जान लेता है 
पर किसी ने भी इसपर मायावती और अखिलेश यादव से इस्तिफा नहीं माँगा, पर योगी आदित्यनाथ जिनकी सरकार में स्तिथि सुधर रही है उनका इस्तीफा माँगा जा रहा है 

इस्तीफा लेकर क्या मायावती और उसी अखिलेश यादव को सत्ता देनी है जिनके रहते इस महामारी के खिलाफ कोई भी ठोस कार्य नहीं हुआ 

अब योगी पर परिवारवाद, भ्रष्टाचार का आरोप तो लगाया जा सकता नहीं तो मीडिया इसे मुद्दा बना रही है 
काफ़िल खान जैसों को हीरो बना रही है, मीडिया और उसे चलाने वालो को योगी में भावी प्रधानमंत्री दिखने 
लग गया है, मोदी तो मोदी ऊपर से उनके बाद योगी आ गए तो इस मीडिया और देशद्रोहियों का क्या होगा 

इसी सोच के चलते ये लोग योगी जी को बदनाम करने के अपने अजेंडे के तहत अब गतिविधियां चलाने लगे है