कश्मीरियों का पुरे भारत पर हक़, पर अन्य भारतीय कश्मीर में न घुसें : मेहबूबा मुफ़्ती


भारत सरकार और करोड़ों भारतीय चाहते हैं कि कश्मीर से आर्टिकल 35(A) हटे, कश्मीर में भी लोग घर घरीद सकें, वहां पर अपनी जिन्दगी जी सकें लेकिन कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती नहीं चाहतीं कि कश्मीर से आर्टिकल  35(A) हटाया जाय. मतलब महबूबा मुफ़्ती ये नहीं चाहतीं कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली या अन्य राज्यों का कोई भी निवासी कश्मीर में घर खरीद सके और वहां का परमानेंट निवासी बन सके इसीलिए महबूबा मुफ़्ती ने आर्टिकल 35(A) पर राजनीति तेज कर दी है.

सुप्रीम कोर्ट में आर्टिकल 35(A) हटाने को लेकर बहस चल रही है लेकिन महबूबा मुफ़्ती ने इस बहस के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है, महबूबा मुफ़्ती पहले भी कह चुकी हैं कि अगर कश्मीर से आर्टिकल 35(A) हटाया गया तो कश्मीर में तिरंगे को कोई कांधा देने वाला नहीं रहेगा, मतलब देशद्रोह शुरू हो जाएगा और महबूबा मुफ़्ती भी देशद्रोही बनकर पाकिस्तान का समर्थन करना शुरू कर देंगी, महबूबा मुफ़्ती ने कुछ ही दिन पहले ये धमकी दी है.

आज भी महबूबा मुफ़्ती ने कश्मीर में एक रैली में कहा कि आर्टिकल 35(A) हटाने पर बहुत गंभीर परिणाम होंगे इसलिए पहले हमें अपना विशेष अधिकार बचाना है, आपको बता दें कि आर्टिकल 35(A) जम्मू कश्मीर सरकार को विशेष अधिकार देता है जिसके तहत सरकार ही कश्मीर के निवासियों को परमानेंट नागरिकता प्रदान करती है, मतलब जब तक सरकार नहीं चाहेगी हरियाणा या अन्य राज्यों का कोई भी निवासी कश्मीर में ना तो घर खरीद सकता है और ना ही वहां का स्थायी निवासी बन गकता है.

महबूबा मुफ़्ती ने अपने इसी अधिकार को बचाने के लिए आन्दोलन तेज कर दिया है, अगर आर्टिकल 35(A) हटा दिया गया तो कोई भी कश्मीर में घर खरीद सकेगा और इसके लिए उसे महबूबा की परमिशन नहीं लेनी पड़ेगी, महबूबा यही तो नहीं चाहतीं. महबूबा ने आज कहा कि कश्मीर सरकार को यह अधिकार 1947 में मिला था और इसे बचाकर रखना हमारा पहला फर्ज है, मतलब आर्टिकल 35A बचाने के लिए अगर महबूबा मुफ़्ती को सरकार भी गंवानी पड़ी तो शायद वे पीछे नहीं हटेंगी और इसके लिए बीजेपी से गठबंधन भी तोड़ देंगी.