दुनिया की सबसे बड़ी शिकारी है भारतीय सेना, आतंकी अपनी पहचान खुद ही सेना को दे देते है !




भारतीय सेना आतंकियों को खोजने में, उनकी लोकेशन की सटीक पहचान करने में एक्सपर्ट है 
भारतीय सेना का कोई मुकाबला ही नहीं है 

आप अक्सर सोचते होंगे की आतंकियों को ढेर करने के बाद उनके शवों को क्यों दे दिया जाता है 
इसके पीछे एक बड़ा कारण है 

दरअसल कश्मीर में सिर्फ आतंकी ही नहीं बल्कि अधिकतर कश्मीरी भी जिहादी ही है
आतंकियों को अपने घरों में छुपाकर रखते है 

भारतीय सेना और उसकी ख़ुफ़िया एजेंसी बड़े ही चालाकी से आतंकियों को ट्रैप कर ढेर करती है 
पूरी प्रोसेस को समझिये 

सबसे पहले एक आतंकी ढेर कर दिया जाता है 
फिर सेना उसके शव को उसके परिजनों को सौंप देती है, फिर उसका जनाजा स्थानीय मुसलमान निकालते है 
और इस जनाजे में तमाम आतंकी भी शामिल होते है, वो  अपना वीडियो और फोटो खिंचवाते है 

फिर सेना उनकी  तस्वीरों को देखती है, ख़ुफ़िया एजेंसियां इन  आतंकियों को ट्रैप करती है 
और फिर सेना उन आतंकियों का शिकार करती है 

आपको बता दें की सेना जिस भी घर को घेरती है, पहले  जानकारियों को पुख्ता कर लेती है, चीजों की पुष्टि कर लेती है, अन्यथा मानवाधिकार वाले सेना पर सवाल खड़ा कर देंगे
बिलकुल एक सिस्टेमेटिक प्रोसेस के जरिये सेना आतंकियों की पहचान करती है, और उनको ट्रैप कर शिकार करती है, भारतीय सेना का कोई मुकाबला ही नहीं