तेजी से बदल रहा है देश : हिन्दुओ को मिलेगा न्याय, जम्मू कश्मीर में मिलेगा अल्पसंख्यक का दर्जा व् सुविधाएं



इस देश में हमेशा से ही एक वर्ग के साथ अन्याय होता आया है 
और वो वर्ग कोई और नहीं बल्कि हिन्दू ही है 

हिन्दुओ को बहुसंख्यक का दर्जा दे दिया गया है, वहां भी हिन्दू बहुसंख्यक है जहाँ असल में हिन्दुओ की संख्या दूसरों से कम है 
उदाहरण के तौर पर जम्मू और कश्मीर 

हिन्दू असल में इस राज्य में अल्पसंख्यक है, और मुसलमान बहुसंख्यक 
पर अल्पसंख्यकों की सारी सुविधाएं मुसलमान को मिलती है, हिन्दू अल्पसंख्यक होते हुए भी बहुसंख्यक गिना जाता है, राज्य सरकार अल्पसंख्यकों की सुविधाएं बहुसंख्यक मुसलमानो को ही देती है 

पर नरेंद्र मोदी सरकार के आने के बाद से ही सामाजिक न्याय की शुरुवात हुई है 
सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका डाली गयी थी जिसमे जम्मू कश्मीर में हिन्दुओ को अल्पसंख्यक का दर्जा देने की मांग की गयी थी 

सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर सरकार को 3 महीने का समय दिया है की 
3 महीने में सरकार बताये की हिन्दू अल्पसंख्यक होकर भी बहुसंख्यक कैसे गिना जाता है, और बहुसंख्यक होकर भी मुसलमानो को अल्पसंख्यक की सुविधाएं कैसे दी जाती है 

अगर 3 महीने में सरकार कोई ठोस जवाब नहीं देती 
तो जम्मू कश्मीर में हिन्दुओ को अल्पसंख्यक का दर्जा दिया जायेगा, और अल्पसंख्यकों की सुविधाएं हिन्दुओ को ही मिलेंगी 

बता दें की सरकार के पास कोई ठोस जवाब हो ही नहीं सकता 
क्यूंकि असल में हिन्दू ही अल्पसंख्यक है, ऐसे में अगले 3 महीनो में जम्मू कश्मीर में हिन्दुओ को अल्पसंख्यक का दर्जा मिलना तय माना जा रहा है