चीनी जनता में डर का माहौल, भारत न कर ले कुछ चीनी इलाकों पर कब्ज़ा : जापानी मीडिया


चीन की आक्रामक नीति हुई भारत सैन्य शक्ति के सामने फ़ैल, चीन में है डर का माहौल..

जापान के निक्केई एशियन रिव्यू अख़बार ने चीन के मुँह पर ज़ोरदार तमाचा जड़ते हुए चीन की पोल खोल दी है. निक्केई के मुताबिक एक चीनी पोस्टर पर लिखा था कि “बीजिंग पर भारत का कब्ज़ा होने जा रहा है. हमलोगों के पास भारतीय बनने के सिवा कोई विकल्प नहीं है.” इस खबर के बाद ये साफ़ जाहिर हो गया है कि मोदी की दहाड़ से अब चीनी डरने लगे है.

मौजूदा खबर के अनुसार बता दें कि भारत और चीन के बीच डोकलाम सीमा पर जारी गतिरोध  पर जापानी मीडिया की नज़र बनी हुई है. भारत-चीन तनाव को लेकर को जापान टाइम्स ने भी रिपोर्ट पब्लिश की है. 

जापान टाइम्स ने लिखा है कि ”भारत और भूटान के बीच सुरक्षा को लेकर समझौते हैं और इसी समझौते के तहत दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने खड़े हैं. अगर इस मामले में चीनी सरकारी मीडिया भारत को युद्ध की धमकी दे रहा है, तो ये बिलकुल गलत है.”

जापान के निक्केई एशियन रिव्यू की भारत-चीन तनाव पर एक रिपोर्ट !!

निक्केई के मुताबिक दोनों देशों में सैन्य तनाव के बीच अंधराष्ट्रवाद जैसा माहौल है. इस तनाव का असर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की उस कोशिश पर भी पड़ेगा जो फिर से सत्ता पर काबिज होने की कोशिश कर रहे हैं.

निक्केई ने लिखा है कि दोनों देशों के बीच गतिरोध की शुरुआत मध्य जून में हूई. भारत के मुताबिक पीएलए डोकलाम में एक सड़क का निर्माण कर रही थी. चीन इस सड़क निर्माण के ज़रिए भारत को घेरना और सैन्य चौकी स्थापित करना चाहता है. भारत इसे अपने लिए ख़तरे के तौर पर ले रहा है

गौरतलब है कि इस बार भारत के साथ तनाव में चीन आक्रामक नहीं है. चीन के इंटरनेट यूज़र जो पोस्ट लिख रहे हैं उनसे साफ़ पता चल रहा है कि उनका देश भारत से डर गया है.

बता दें कि पिछले 20 सालों की चीन की नीति को देखा जाए तो यह राष्ट्रवाद के ईर्द-गिर्द रहा है और अब चीनी राष्ट्रपति भी अक्सर राष्ट्रवाद की बात दोहराते नज़र आ रहे हैं.

बताते चलें कि मौजूदा परिस्थिति में अगर चीन भारत के ख़िलाफ़ युद्ध लड़ता है तो वो इस जंग को झेल नहीं सकता है. अगर चीन एक सीमित अभियान में जीत भी हासिल कर लेता है तो अंतरराष्ट्रीय समुदाय की तरफ़ से इसमें हस्तक्षेप किया जाएगा. इसके बाद यह मजबूत संदेश जाएगा कि चीन शांतिपूर्ण तरीक़े से वैश्विक शक्ति नहीं बन रहा है. आज का चीन केवल डरा और सहमा हुआ है जो भारत के खिलाफ कोई भी कदम उठाना तो दूर, उसके बारे में सोच भी नहीं सकता है..