माया-अखिलेश के राज में ऐसे फर्जी टिके लगाए गए जिस से बच्चों को उल्टा इन्सेफेलिटिस हो गया !


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जब मनमोहन सिंह ने AIIMS को गोरखपुर से रायबरेली सोनिया गाँधी के क्षेत्र में लगाने का प्रस्ताव पास किया था तब तत्कालीन केंदीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने गोरखपुर के सांसद योगी जी से मिलने तक से मना कर दिया था, और आज जब मासूमों की मौत हुई तब यही गुलाम नबी आजाद लाशो पर राजनीति करने गोरखपुर गिद्ध की तरह सबसे पहले पहुचने वालो मे से एक है!!

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बच्चों की मौत पर जो गंदी राजनीति हो रही है उसमें बहुत से तथ्य नही बताया जा रहे है।
मायावती और अखिलेश राज के दौरान 400 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम इंसेफलाइटिस यानी जापानी बुखार को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने जारी की थी ... जापानी सरकार ने 22 मोबाइल मेडिकल वैन अनुदान के तौर पर मेडिकल कॉलेज को भेंट दी थी ताकि गांव गांव जाकर इंसेफलाइटिस का पता लगाया जा सके ... वो सभी वैन मेडिकल कॉलेज परिसर में खड़ी की खड़ी रही है और जंग लगकर कबाड़ बन गई

फिर यह भी खुलासा हुआ है कि मायावती और अखिलेश राज के दौरान बच्चों को जो टीके लगाए गए असल फर्जी टीकेे थे क्योंकि टीका लगाने के बाद भी बच्चों को इंसेफेलाइटिस होने लगा

एक कड़वी सच्चाई है जो राज्य का मुखिया होगा वह अपने राज्य में होने वाली सभी मौतों का जिम्मेदार भी होगा लेकिन सोचिए यदि पिछले 20 सालों से सपा और बसपा की सरकारे इंसेफलाइटिस के लिए काम कर रही होती तो क्या आज पूर्वी उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में हजारों बच्चे इंसेफलाइटिस से बीमार होकर अस्पतालों में क्यों भर्ती होते ?? जबकि उड़ीसा जैसे गरीब राज्य ने भी इंसेफलाइटिस को काफी हद तक खत्म कर दिया है

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पूर्वांचल में हर व्यक्ति चाहे वो सपाई/बसपाई/कांग्रेसी ने योगी जी को इंसेफेलाइटिस के लिए आवाज उठाते देखा है वह गांव-गांव घूमा करते थे इतना ही नहीं संसद में सैकड़ों बार उन्होंने इंसेफलाइटिस पर आवाज उठाई आज भी उनके YouTube पर तमाम भाषण हैं जो उन्होंने संसद में इंसेफलाइटिस पर आवाज उठाई थी लेकिन तब ना उनका साथ मीडिया दे रही थी ना हीं उनका साथ सोशल मीडिया दे रही थी और ना ही इस देश के राजनेता दे रहे थे एक अकेली आवाज को कांग्रेस सपा बसपा सब दबा देते थे और आज उन्हें सत्ता में आते ही सब उनसे इंसेफलाइटिस पर हो रही मौतों का जवाब मांगने लगे।

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एक बार आप Google पर पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफलाइटिस से हुई मौतों का डाटा देख लीजिएगा फिर आपकी आंखें खुली जाएंगी।