गरीब पिछड़ों दलितों के बच्चे पद पर, और परिवारवाद की पहचान सड़क पर, ये है अच्छे दिन !


अंग्रेजो से मिली आज़ादी के बाद ये भारत के सबसे सुनहरे दिन चल रहे है 
आज इस भारत में राष्ट्रपति एक गरीब किसान का बेटा है, दलित समुदाय से है, वहीँ उपराष्ट्रपति भी एक साधारण किसान का बेटा है 
और इस देश का प्रधानमंत्री एक गरीब चायवाले का बेटा है 

और जो शख्स सोने की चम्मच मुँह में लेकर पैदा हुआ वो सड़क पर पत्थर खा रहा है 
यही तो है अच्छे दिन 

गरीब पिछड़े वंचितों के बच्चें आज पदों पर है और परिवारवाद से निकले हुए लोग सड़क पर 
राहुल गाँधी हो या अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव हो या तेज प्रताप यादव 
सभी परिवारवादी सत्ता से बेदखल है 

गरीबों पिछड़ों वंचितों का शशक्तिकरण हो रहा है इस से अच्छे दिन क्या होंगे !