हर-हर महादेव का नारा लगाकर बोलीं कांग्रेसी नेता नूरी खान, इस्लाम छोड़ दें सारी औरतें


भगवा चोला ओढ़कर सामने आईं नूरी, बोलीं- फतवे के अलावा मुल्लाओं के बस में कुछ नहीं

पहले मुस्लिम मंत्री के जयश्रीराम के नारे पर बवाल और अब कांग्रेस की मुस्लिम महिला नेता शिव जाप पर संग्राम। मध्य प्रदेश में नूरी खान ने केसरिया साड़ी पहनकर समारोह में शिरकत क्या की, कट्टरता के ठेकेदारों की आंखें लाल हो गईं। तमाम धर्मगुरु इस्लाम विरोधी का सर्टिफिकेट बांटने लगे। बिहार के मुस्लिम मंत्री ने तो जयश्रीराम कहने पर माफी मांग ली लेकिन नूरी खान फिलहाल डिगने वाली नहीं है।

सुख शांति के लिए निकाली गई यात्रा में भगवा लिबास के बहाने सियासत के कट्टर रंगों की बारिश शुरू हो चुकी है। कांग्रेस की महिला नेता नूरी खान भी इस यात्रा में शामिल हुईं। यात्रा का उद्देश्य देश प्रदेश में सुख शांति, खुशहाली और मालवा क्षेत्र में अच्छी बारिश की कामना के लिए था।

यात्रा में सभी लोगो ने ओम नमः शिवाय के जय कारे लगाए। कांग्रेस नेता नूरी खान ने भी भगवा रंग की पोशाक पहन ली, और उसकी तस्वीर फेसबुक में अपलोड कर दिया। उसके बाद पोशाक और यात्रा पर मुस्लिम समाज के ठेकेदार आग बबूला हो गए।

देखते ही देखते उनके पोस्ट पर धमकाते चेताते और डराते कमेन्ट्स की झड़ी लग गई। कोई फतवा जारी करने की मांग कर रहा था। कोई उनके मुसलमान होने पर ही सवाल दाग रहा था। चारों तरफ से घिरी कांग्रेस नेता नूरी खान सफाई के साथ सामने आईं। धर्म के ठेकेदार को करारा जवाब देते कहा कि ना केसरिया तेरा है न हरा मेरा। सफाई दी कि भगवा रंग भाईचारे और एकता के लिए धारन किया था।

दरअसल मामला चार दिन पुराना है। कांग्रेस सदस्य नूरी खान ने भगवा वस्त्र धारण कर हिंदू धर्माचार्यों के साथ एक रथ यात्रा में हिस्सा लिया था। रथ यात्रा में उन्होंने 'ऊं नम: शिवाय' का जप करने के साथ ही सुख-समृद्धि की प्रार्थना भी की। यही बाते उन्हें चुभ गई जो भगवा रंगों का धर्म के दायरे में बांधते हैं या मंत्र को मजहब में कैद। 

 धर्म गुरु कूदे तो नेताओं ने भी मौके तलाशे। कट्टरता के रंग मध्य प्रदेश से बिहार और यहां वहां फैले पड़े हैं। जेडीयू के बिहार मे मंत्री को जयश्रीराम के नारे पर हाथ जोड़ने पड़े और अब नूरी के हौसले वाले नूर का इम्तिहान है।