ब्रेकिंग : मोदी सरकार ने कुर्क की अलगाववादी नेताओं की संपत्ति, कंगाल हो गए गद्दार


ईडी (इन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट) ने टेरर फंडिंग केस में कश्मीर के बड़े अलगाववादी नेता शब्बीर शाह के एक करीबी को अरेस्ट किया है। 

ईडी ने असलम वानी को रविवार को श्रीनगर से पकड़ा और पूछताछ के लिए इसे जल्द ही दिल्ली लेकर जाएगी। ED ने उसकी संपत्ति कुर्क करने के आदेश दिए हैं। 

ईडी टेरर फाइनेंसिंग से जुड़े 10 साल पुराने मनी लॉन्ड्रिंग केस में इसी साल 25 जुलाई को शब्बीर शाह को भी अरेस्ट कर चुकी है। शाह डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी के चेयरमैन हैं। इस केस की जांच कर रही एनआईए (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) ने 24 जुलाई को कश्मीर के 7 अलगाववादी नेताओं को भी अरेस्ट किया था। इनमें हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी का दामाद भी शामिल है।

ईडी ने शाह और वानी के खिलाफ प्रिवेन्शन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत केस दर्ज किया है। कहा जा रहा है कि वानी ने दावा किया है कि उसने शाह को 2।25 करोड़ रुपए दिए थे। हाल ही में ईडी ने दिल्ली के एक कोर्ट में शाह की रिमांड अवधि बढ़ाने के लिए एप्लिकेशन दी थी, जिसमें कहा गया था कि शाह पाकिस्तान के आतंकियों से लगातार कॉन्टेक्ट में थे। कोर्ट ने शाह की रिमांड 6 दिनों के लिए बढ़ा दी थी। 

एनआईए ने टेरर फंडिंग केस में कश्मीर के जिन 7 अलगाववादी नेताओं को अरेस्ट किया था, उनमें बिट्टा कराटे, नईम खान, अल्ताफ अहमद शाह (अल्ताफ फंटूश), अयाज अकबर, टी। सैफुल्लाह, मेराज कलवल और शहीद-उल-इस्लाम शामिल हैं। अल्ताफ हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी के दामाद हैं। 

 बता दें कि इसी साल मई के आखिर में सूत्रों के हवाले से ये खबर सामने आई थी कि तीन अलगाववादी नेताओं ने एनआईए को पूछताछ में ये बताया है कि उन्हें घाटी में आतंक फैलाने के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाक स्थित आतंकी संगठनों से फंड मिलता है।

एनआईए ने JKLF (जम्मू एंड कश्मीर लिबरेशन फ्रंट) के नेता फारूख अहमद डार उर्फ बिट्टा कराटे को दिल्ली में जबकि बाकी अलगाववादी नेताओं को श्रीनगर में अरेस्ट किया था। अयाज अकबर भी सैयद अली शाह गिलानी के करीबी हैं, अयाज तहरीक-ए-हुर्रियत के स्पोक्सपर्सन भी हैं। जबकि शहीद-उल-इस्लाम हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के उदारवादी धड़े के स्पोक्सपर्सन हैं। इस धड़े के प्रमुख लीडर मीरवाइज उमर फारूख हैं।

  बता दें कि एनआईए ने 3 अलगाववादी नेताओं नईम खान, गाजी जावेद बाबा और बिट्टा कराटे को मई में दिल्ली बुलाकार पूछताछ की थी। उसी दौरान इन्होंने पाकिस्तान से फंडिंग की बात मानी थी। इससे पहले मई में ही एनआईए ने तहरीक-ए-हुर्रियत के नेता बाबा और JKLF के नेता कराटे से श्रीनगर में भी लगातार 4 दिनों तक पूछताछ की थी। उस दौरान उनसे कश्मीर में हिंसा के लिए हवाला चैनलों के जरिए फंड जुटाने के आरोप पर सवाल किए गए थे।