ब्रेकिंग : विजेंदर सिंह ने तोड़े चीनी मुक्केबाज के दांत, बुरी तरह रौंदकर जीता उसका बेल्ट !


जब खेल एक जूनून बन जाए . जब अपने हर हुनर में देश का हित और देश का ही लाभ तलाशा जा रहा हो तब यकीनन वो जूनून और लगन जीत की राह ले जाती है और ये साबित किया है भारत की शक्ति के रूप में उभर कर सामने आये विजेंद्र कुमार ने .. 

बॉक्सिंग के इतिहास में सही समय पर जरूरी जीत के लिए ये मुकाबला याद रखा जाएगा क्योकि इस समय सरहद पर दोनों देशों की सीमाएं भी लगभग इसी मुद्रा में खड़ी हैं .

मैच से पहले दिनों के पास अपने अपने बेल्ट थे 

चीन के मुक्केबाज़ से आमने सामने के टकराव से पहले चीनी मुक्केबाज़ ने तमाम बातें बढ़ चढ़ कर की थी . चीनी मुक्केबाज का नाम जुल्फिकार मैमैतियाली था जिसे लम्बे समय तक चले और 10 राउंड तक खिंचे मुकाबले में मात दी . आखिर तक हुए मुकाबले में विजेंदर ने चीनी मुक्केबाज के दांत भी तोड़ दिए 

विजेंद्र के मुँह से खून आ रहा था पर उन्हें अपने विजय पर पूरा विश्वास था और उन्होंने उसको जीत कर ही दम लिया .. इसी के साथ विजेंद्र की ये लगातार नौवीं जीत है . अंको के हिसाब से मामला बराबर रहा पर रेफरियों ने जब पूरे मैच का आँकलन किया तो विजेंद्र को भी विजेता माना गया क्योंकि उनके सामूहिक अंक चीनी मुक्केबाज़ से कहीं ज्यादा थे ...

चीनी मुक्केबाज को रौंदकर उसका बेल्ट जीत लिया 

इस मैच में भारत के मुक्केबाज़ का मान और हौसला बढ़ाने के लिए बाबा रामदेव , पूर्व हॉकी कप्तान धनराज पिल्लई आदि भी मौजूद थे .. इस मौके पर भारत के पुराने हिन्दू शासको की तरह ही विजेंद्र ने भी जीत के बाद चीनी मुक्केबाज़ से कहा की वो चाहते हैं की सीमा पर शांति बनी रहे और चीन से युद्ध ना हो , विजेंद्र का इशारा चीनी मुक्केबाज़ अपने देश में जा कर यही समझाये की तरफ था ..

इस जीत का जश्न डोकलाम की सीमा पर भी देखने को मिला और वहां सैनिकों ने ये खबर आते है जम कर जश्न मनाया इतने के साथ ही चीनी सैनिको के मुँह उतरे हुए दिखाई दिए .... विजेंद्र की इस जीत पर दैनिक भारत उन्हें सहृदय बधाई देता है .