इस्लामी आतंकी संगठन "हूजी" को अपने दम पर खत्म किया था कर्नल पुरोहित ने, इसी से नाराज थी कांग्रेस !


बहुत सी सच्ची घटनाये इतिहास की आप के सामने जब आती होंगी तो आप दांतो तले ऊँगली दबा लेते होंगे और सोचते होंगे भला कोई ऐसा भी कर सकता है क्या और क्या कोई इतना भी गिर सकता है ? 

मसलन उदाहरण के लिए जब हम सुनते हैं की महान सुभाष चंद्र बोस जी को अंग्रेजो से ज्यादा जवाहर लाल नेहरू ने परेशान किया और प्रताड़ना की अंतिम हद तक तड़पाया तो मन में अजीब सी हलचल उतनी शुरू हो जाती है . उसके आगे जब हम भगत सिंह के साथी बटुकेश्वर दत्त की जीवनी पढ़ते हैं तो रोना आ जाता है और इतिहास में उन पलों को कोस कर रह जाते हैं .

पर अचानक ही एक ऐसा मामला आता है जिसके हम खुद प्रत्यक्ष गवाह बन जाते हैं तो उस पर पूरा विवेचना आवश्यक हो जाती है . यहाँ बात चल रही है भारत की सेना के सबसे जांबाज़ अफसरों में से एक कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित जी की . कर्नल पुरोहित जी वो अफसर थे जिन्होंने कश्मीर को बदल कर रख दिया था.. कश्मीर में आतंकियों को आपस में लड़ा देने का अद्भुत कारनामा करने के बाद वो आतंकियों के तथाकथित पैरवीकर्ताओं की नजर में आ गए थे . उन्हें कश्मीर में एक आतंकी अभियान में गोली भी लगी थी पर परमात्मा ने उन्हें बचा लिया था .

फिर अचानक ही बंगलादेश का आतंकी संगठन भारत में सिमी के साथ मिल कर अपना सर उठाने लगा था . उस आतंकी संगठन का नाम था हूजी ... भारत की तुष्टिकरण के लिए किसी भी हद तक गिरने की सोच रखने वाले नेताओं के कर्मों से उत्साहित हो कर हूजी ने अपने पाँव तेज़ी से पसारने शुरू कर दिए और थोड़े ही समय में कई आतंकी काण्ड कर के उसने भारत की अस्मिता को सीधी चुनौती दे दी थी . हूजी ने बंगाल , असम , बिहार के साथ उत्तर प्रदेश में भी अपनी जड़ें जमानी शुरू कर दी थी ..

हूजी के बढ़ते प्रभाव को उस समय के तमाम नेताओं ने वोट बैंक को बचाये रखने के लिए दरकिनार किया और यही उस जेहादी इस्लामिक आतंकी दल के लिए फलने फूलने वाली संजीवनी साबित हुई . जब आतंक का दायरा और अधिक बढ़ा तो सेना को बीच में आना पड़ा और सेना ने अपने इस मुद्दे पर सबसे काबिल अधिकारी कर्नल श्रीकांत पुरोहित पर विश्वास किया . यद्द्पि वो सारी कार्यवाही गुप्त रखी गयी पर कर्नल पुरोहित ने उस आतंकी दल को भारत में लगभग जड़ के साथ समाप्त ही कर डाला .. 

यहाँ तक की उसके संचालकों को या तो जेल मिली थी या मौत .. बस यही वजह बन गयी थी आतंक के उन समर्थकों की नजर में कर्नल पुरोहित पर अनंत टार्चर करने की .. फिर कर्नल पर दमन चक्र चला और उस दमन चक्र में पूरे हिन्दू समाज को लपेट लिया गया .. हूजी ( हरकत उल जिहाद अल इस्लामी ) नाम के आतंक से भारत को मुक्त कराने वाला कर्नल अचानक ही सोची और समझी साजिश के चलते खुद घोषित करा दिया गया आंतकी ...

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