प्रेम विवाह है तो धर्मांतरण हमेशा हिन्दू लड़की का ही क्यों, मुस्लिम लड़का हिन्दू क्यों नहीं बनता !


एक संस्था है ,"हिन्दू उत्सव समिति" ,इन्होंने माँग की है की गरबा कार्यक्रमों में गैर हिन्दू की एंट्री रोकने के लिए आधार कार्ड से ही एंट्री अनिवार्य की जाए ।
तब सेक्युलर तत्वों ने इसका बहुत विरोध किया था 

परंतु जब से सुप्रीम कोर्ट ने केरल में लव जेहाद के मामलों की जाँच के लिए NIA से कहा है तब से यह सारे मुद्दे प्रासंगिक और तथ्यपूर्ण सिद्ध हो रहे है ।

यहाँ हमारा मुद्दा यह है की जितने भी तथाकतीथ प्रेम विवाह जो कि हिन्दू लड़की और मुस्लिम लड़कों में हुए है उनमें धर्म परिवर्तन हमेशा लड़की ने ही क्यों किया है ??? सिर्फ वहीँ क्यो, हिन्दूलड़के और मुस्लिम लड़की के मामले में भी धर्म परिवर्तन लड़के ने ही ज्यादातर मामलों में किया है ।

दूसरी चीज ये है की, जब मुस्लिम मंदिर नहीं जाते, राम नवमी, जन्माष्टमी, नवरात्री नहीं मनाते तो उनको गरबा क्यों करना है, गरबे के कार्यक्रम में क्यों जाना है 

बहुत ही अच्छी बात यह है की आज तक कपोल कल्पना समझी जाने वाली लव जेहाद की कहानियाँ अब सच्चाई के रूप में सामने आ रही है ।इसके साथ ही अब लव जेहाद के तरीके जैसे गरबे में घुसना, या कॉलेज या क्लास में अति प्रगतिशील दिखाकर जाल में फांसना, या लाउड होकर अपनी उपस्तिथि हर जगह दिखाना जैसे सैंकड़ो तरीके कैसे आजमाए जाते है ,यह भी धीरे धीरे सामने आने लगेगा ।

खैर, जैसा की होना चाहिए, वायरस से बचाव के लिए सतर्कता और सावधानी तो हमें खुद ही रखनी होती है, अन्यथा वायरस तो आपको बीमार करने के लिए तैयार ही बैठा है ।
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