धमकीबाज लोगों को अखिलेश सरकार ने बनाया था शिक्षामित्र, अब ये दे रहे भारत को धमकियाँ !


उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कैसे कैसे काम किये थे 
ये उसका एक छोटा सा उदाहरण है 

बिना योग्यता, बिना किसी पढाई के, बिना किसी अनुभव के 12वी पास लोगों को पैसा लेकर अखिलेश सरकार के मंत्रियों और विधायकों ने शिक्षामित्र बना दिया, तनख्वाह 35 हज़ार से 40 हज़ार रुपए महीना,  मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा तो अब सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद अचानक 35 हजार रुपए वेतन से 3500 रुपए पर आ गए, गुस्सा होना लाजिमी है, दुख भी हुआ होगा और हमारी  पूरी सहानुभूति इनके साथ थी 

परंतु शिक्षामित्रों की भर्ती अखिलेश सरकार ने अनुचित तरीके से किया था, इसलिए कोर्ट से झटका मिला तो अपना गुस्सा अखिलेश पर निकालो..
 अखिलेश सरकार को पैसा खिलाकर शिक्षामित्र बने थे 
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परंतु जिस प्रकार तुम लोग धमकी दे रहे हो कि मैं इस्लाम धर्म कबूल कर लूंगा, कोई बोल रहा है कि मैं अपने बच्चों को आतंकवादी बनाऊंगा, कोई भगवान से दुआ कर रहा है कि भारत पर चीन और पाकिस्तान एक साथ हमला करें..

.. तुम्हारे विरोध के तरीके से ही पता चलता है कि तुम शिक्षक बनने लायक नहीं हो उसी 3500 में गुजारा करो क्योंकि तुम्हारी औकात ही वही है वरना भूखे मर जाओ या भीख माँगो। 
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शर्म नहीं आती मात्र 12वी पास करके सरकार का ₹40,000 लेते हुए और यहां बीटेक एमटेक करे हुए लड़के 18-18 / 20-20 हजार पर घर परिवार से दूर अकेले रहकर मेट्रो सिटी में दिन रात मेहनत रहे हैं, तुमसे ढाई सौ गुना ज्यादा मेहनत। 
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मुसलमान बन सकते हो,अपने बच्चों को आतंकवादी तक बना सकते हो, भारत पर चीन पाकिस्तान द्वारा हमले की कामना कर सकते हो, पर तुम TET नहीं पास कर सकते हो.... भीख मांगो तुम शिक्षामित्र के भी लायक नहीं हो...