किसान के बेटे ने गाँधी के याकूब प्रेमी पोते को उपराष्ट्रपति चुनावों में बुरी तरह हराया !



आज का दिन भारत के लिए बेहद शुभ है 
आज परिवारवाद हारा है, आज आतंकवाद का प्रेमी हारा है, और आज देश जीता है, आज एक साधारण किसान के बेटे ने गाँधी के आतंक प्रेमी पोते को हरा दिया है 

बता दें की उपराष्ट्रपति के चुनावों में वेंकैया नायडू को जीत मिल चुकी है 
और याकूब के समर्थक गोपाल गाँधी को हार मिली है 

वेंकैया नायडू को 790 में से 516 सीट मिले वहीँ गोपाल गाँधी को 244 सीट 
कुल 771 वोट पड़े थे, जिसमे से 11 वोट को अवैध घोषित किया  गया 

और इसी के साथ अब हामिद अंसारी की जगह वेंकैया नायडू देश के अगले उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे और  राज्यसभा को भी अपना नया सभापति मिलेगा 

आज भारत जीता, किसान का बेटा जीता, याकूब और औरंगजेब का प्रेमी हारा, परिवारवाद हारा 
और ये देश के लिए अच्छे दिन ही है 

अब देश में एक किसान का बेटा राष्ट्रपति है, एक चायवाले का बेटा प्रधानमंत्री है 
और अब एक किसान का बेटा उपराष्ट्रपति बना 
ये पल वाकई गर्वान्वित कर देने वाला पल है, और आज आम आदमी जीता है, ईमानदारी जीती है 
परिवारवाद हारा है