बच्ची का बलात्कार करने वाले मोहम्मद नवाब को बीच चौराहे पर लिटाकर सेना ने मारी गोली


भारत में भले ही दुष्कर्म के आरोपी दोषी पाए जाने के बाद भी कुछ समय जेल में काटकर बाहर आ जाते हों लेकिन कुछ देश ऐसे हैं जहां इस घिनौने जुर्म की सजा मौत है।

यमन की राजधानी सना में सोमवार को 41 वर्षीय एक दुष्कर्मी को बीच सड़क पर सरेआम गोली मार दी गई। उसे तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था और मौत की सजा सुनाई गई थी। यहां लागू शरिया कानून के तहत ऐसी सजा दिया जाना आम है।

हत्या का दोषी पाए जाने पर मौत की सजा दी जाती है। यह किस तरीके से दी जाएगी, कानून में यह स्पष्ट नहीं किया गया है। इसलिए कई बार दोषियों के सिर भी कलम कर दिए जाते हैं। हालांकि पीड़ित का परिवार चाहे तो दोषी पर रहम भी बरता जाता है।

 चादर पर लिटाकर पीठ पर हाथ बांधे और छलनी कर दिया। मुहम्मद अल माघरबी नामक दुष्कर्मी को जब शहर के चौराहे पर लाया गया तो वहां भीड़ मौजूद थी। उसे सड़क पर बिछी चादर पर पेट के बल लिटाया गया अैर दोनों हाथ पीठ पर बांध दिए गए। 

इसके बाद बीच सड़क पर जवानों ने एके-47 राइफल से दुष्कर्मी को गोली मार दी। उसे गोली मारे जाते देखने के लिए कई लोग जुटे थे।