लाहौर और कराची पर हिन्दुओ का तरह वर्चस्व, पर सेकुलरिज्म के कारण भागना पड़ा : कमलेश तिवारी



हिन्दू समाज पार्टी के  मुखिया कमलेश तिवारी अपने बेबाक अंदाज और कड़वी बातों के लिए जाने जाते है 
कमलेश तिवारी हिन्दू समाज के लिए कार्य करना चाहते है 
जो की एक अच्छी बात है 

आज कमलेश तिवारी ने लाहौर और कराची के बारे में बताया 
भारत का बंटवारा मुसलमानो की मांग पर 1947 में हुआ था, बंटवारे के लिए 1946 से ही कत्लेआम शुरू कर दिया गया था 

बंटवारा हुआ और भारत के कई शहर पाकिस्तान हो गए 
जिनमे 2 बड़े शहर थे, लाहौर और कराची 

ये दोनों ही शहर हिन्दुओ ने बसाये थे, लाहौर तो भारत के सबसे बड़े शहरों में आया करता था जिसका इतिहास दिल्ली से भी पुराना है, ये शहर भगवान् श्री राम के पुत्र लव ने बसाया था 

देखें कमलेश तिवारी ने इन शहरों के बारे में आज क्या बताया 


बता दें की लाहौर हो या कराची यहाँ पर 
हिन्दुओ का ही व्यापार था, सभी धनवान हिन्दू थे, और ये हिन्दू सिर्फ लाहौर एरिया के हो ऐसा नहीं है 
पुरे भारत से लोग लाहौर जाया करते थे, वहां काफी बड़ा व्यापार हुआ करता था और सारा व्यापार ही हिन्दुओ का था 

कराची का भी यही हाल था, वहां भी सारा व्यापार हिन्दुओ का था 
सिंधी हिन्दुओ का वर्चस्व था, आज मुकेश अम्बानी जो की भारत के एक सबसे धनवान शख्स हैं, वो भी सिंधी ही हैं

हिन्दू व्यापार में और सेकुलरिज्म में लगा रहा और उसका नतीजा ये हुआ की न हिन्दुओ का व्यापार बचा, न उनके  द्वारा बसाया गया शहर और न ही इन शहरों में हिन्दू बचा 
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