रोहतक केस में मीडिया निर्दोष युवकों से कब माफ़ी मांगेगी, बईमान लड़कियों पर कब कार्यवाही होगी ?


हरियाणा में दो बहनों द्वारा एक लडके से बस में अकेले भिड़ने वाला विडियो और केस तो याद ही होगा आपको 
दोनों बहनों ने दावा किया था की ये लड़का हमें छेड़ रहा था , विडियो में हाथापाई भी होती दिख रही थी

पहले सारा मीडिया और फिर सारा देश उन लडकियों की बहादुरी की तारीफ करने लगा और लडके की भर्त्सना होने लगी
चारों तरफ से हो रही इस थू-थू से घबराकर लडके ने भी लडकियों के घरवालों के पैर पकडके माफ़ी मांग ली

सबने जगह-जगह बुलाकर उन दोनों लडकियों को सम्मानित किया और झांसी की रानी की उपाधियाँ दी

और बाद में जब पूरी जांच हुई तब पता चला की झगड़ा छेड़छाड़ का नहीं सीट का था , उस बस के कई यात्रियों ने बाद में आकर बताया की एक बुजुर्ग महिला की उन बहनों से सीट को लेकर कहासुनी हुई थी और वो लड़का उस बुजुर्ग महिला की साइड लेकर उनमें से एक लडकी को सीट से हटाने लगा

तब उन लडकियों और उस लडके में हाथापाई हो गयी जिसकी मोबाइल से किसी ने विडियो बनाई और मीडिया ने वही छेड़छाड़ की घटना बता के चला दी
लड़कों की छवि मीडिया ने ख़राब की, उन बिचारों के रिश्तेदार भी उनसे नफरत करने लगे 

बाद ये लड़के निर्दोष निकले पर मीडिया ने उनसे माफ़ी नहीं मांगी, और कानून को भी देखिये 
बईमान लड़कियों पर कोई कार्यवाही नहीं की, जो नेता बईमान लड़कियों को झाँसी की रानी की उपाधि दे रहे थे, आज तक उन्होंने लड़को और देश से माफ़ी नहीं मांगी, कब होगी बईमान लड़कियों पर कार्यवाही ? 

अभी हाल ही में एक कोर्ट की भी टिपण्णी आयी की आजकल लड़कियां लड़कों से सम्बन्ध बना रही है, और कुछ दिन बाद बलात्कार की शिकायत दर्ज करवा रही है, अधिकतर बलात्कार और छेड़खानी के केस भी फर्जी पाए जा रहे है 

मीडिया तो सिर्फ महिला की आरोप पर सामने वाले को गुंडा बलात्कारी घोषित कर देती है 
और जब वो निर्दोष साबित होता है तो वही मीडिया मुँह छुपकर भाग खड़ी होती है