उपराष्ट्रपति रहते हुए 8 साल की कैंसर पीड़ित मुस्लिम लड़की की मदद से इंकार कर चुकी अंसारी दंपत्ति !



10 सालों तक भारत के उपराष्ट्रपति रहे, सारे सुख भोगे, विदेश यात्राएं की 
बड़े बड़े होटल में सुख भोगा, सुविधाएं ली, मोटी तनख्वाह, सुरक्षा, बांग्ला लिया, पर रिटायर होते होते आख़िरकार हामिद अंसारी ने रंग दिखा ही दिया 

हामिद अंसारी को 10 साल तक उपराष्ट्रपति रहते हुए मुसलमान कितनी बार याद आये, और उन्होंने मुसलमानो के लिए क्या किया आपको आज हम बताते है 

देखिये कुछ ट्वीट्स जो की हामिद अंसारी और उनकी बेगम जो की NGO के व्यापार में है 
उनकी सारी हकीकत सामने ला देगी 


क्या होता है की अगर किसी शख्स की सिफारिश का लेटर हो तो कई चीजें आसान हो जाती है 
दिल्ली में बड़े अस्पताल  है, जहाँ कैंसर का इलाज इत्यादि होता है, उपराष्ट्रपति की सिफारिश का लेटर हो कई चीजें आसान हो जाती है 

गौरव नाम के शख्स जो की दिल्ली में कैंसर से पीड़ित लोगों की मदद करते है 
उन्होंने हामिद अंसारी पर खुलासा किया की 24 अगस्त 2016 को वो हामिद अंसारी और उनकी बेगम के पास गए थे 

8 साल की कैंसर पीड़ित बच्ची थी, और बच्ची धर्म से मुसलमान ही थी, गौरव हामिद अंसारी से अप्पोइंटमेंट लेकर उनके उपराष्ट्रपति आवास पर गए थे और अंसारी दंपत्ति से बच्ची से एक बार मिलने के लिए विनती की थी, उसकी मदद की विनती की थी 
पर हामिद अंसारी और उनकी बेगम ने साफ़ इंकार कर दिया, क्यूंकि उनके पास और दूसरे काम थे 

गौरव ने ये भी बताया की इस बात का उनके पास पूरा सबूत मौजूद है 

दूसरे काम क्या ?
पार्टी अटेंड करना, समारोह अटेंड करना, उपराष्ट्रपति का यही तो काम होता है 

आज मुस्लिम-मुस्लिम कर रहे हामिद अंसारी ने खुद मुसलमानो की मदद से इंकार किया है